ज्ञानवापी विवाद से आशंका के बादल, काशी में होटलों की बुकिंग रद्द कर रहे पर्यटक

वाराणसी
 
ज्ञानवापी प्रकरण के चलते उमड़ रहे आशंकाओं के बादल का बनारस के होटल उद्योग और निर्यात पर असर पड़ने लगा है। देश-विदेश के पर्यटक मई और जून की बुकिंग रद्द करा रहे हैं। कई पर्यटकों ने अपना टूर पैकेज स्थगित कर दिया है। एक सप्ताह के दौरान दो हजार घरेलू पर्यटकों ने होटलों की बुकिंग रद्द कराई है। इससे होटल संचालक और टूर एंड ट्रैवेल ऑपरेटर व एजेंट चिंतित हैं।

होटल उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि नवंबर तक बुकिंग फुल थी। अचानक माहौल बदलने से पर्यटन कारोबार को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके मुताबिक तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से पर्यटकों ने बुकिंग कैंसिल कराई है। कई पर्यटकों ने मई और जून की बुकिंग को अगस्त-सितंबर तक होल्ड कर दिया है।

टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि 15 मई से होटलों की बुकिंग रद्द होनी शुरू हो गई है। पर्यटकों में डर बैठ गया है। वे अपनी यात्राएं टाल रहे हैं।

जून में आने वाले थे जर्मनी-इंडोनेशिया के खरीदार: जर्मनी और इंडोनेशिया से दो व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल अगले महीने बनारस आने वाले थे। उनका सिल्क उत्पादों के साथ अन्य हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी का कार्यक्रम तय था। अब उन्होंने यात्रा टाल दी है। इन प्रतिनिधिमंडलों के ही न आने से 40-50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पूर्वांचल निर्यातक संघ के पूर्व अध्यक्ष मुकुंद अग्रवाल ने कहा कि व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के न आने से नुकसान उठाना होगा। एक विदेशी खरीदार से कम से कम पांच करोड़ का बिजनेस मिलता है। इनके अलावा अन्य देशों से भी खरीदार आने वाले थे। फिलहाल उनके भी आगमन को लेकर संशय है।

 

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