भरतपुर में कलेक्टर ऑफिस पहुंचे पूरे गांव के दलित; कहा- न्याय दो, नहीं करेंगे पलायन

भरतपुर
राजस्थान के भरतपुर में दलित परिवारों के लोगों ने मंगलवार को एक रैली निकालते हुए एक जाति विशेष द्वारा 14 अप्रैल को किए गए कथित हमले को लेकर न्याय की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले में दलितों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं। भारतपुर के थाना कुम्हेर के सेह गांव के रहने वाले परिवारों ने अपने मवेशियों और सामान के साथ पलायन करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं करता है तो वे वहां से पलायन कर देंगे। कलेक्टर को दिए ज्ञापन में दलितों ने दावा किया है कि 14 अप्रैल को बीआर अंबेडकर की जयंती पर जब वे रैली निकाल रहे थे तो एक 'प्रभुत्वशाली' जाति (गुर्जर) और उसके चुने हुए प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम का विरोध किया। उन्होंने रैली पर लाठियों से हमला किया, जिसमें दलित समुदाय के लगभग नौ लोग घायल हो गए।

दलितों के पुलिस पर भी गंभीर आरोप
दलितों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भी जाति विशेष के लोगों का साथ दिया और दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ चोरी का झूठा मामला दर्ज किया। ज्ञापन में कहा गया है, 'दलित समुदाय दहशत में है और अपने को गांव में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। यदि दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो समुदाय के लोगों को किसी सुरक्षित स्थान पर पलायन करना पड़ेगा। यदि किसी दलित सदस्य को झूठे मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है, तो पूरा समुदाय विरोध करेगा।'

दलित समुदाय ने लगाए ये आरोप
रैली में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हमने जब से गांव में रैली निकाली है, तब से वे हमें गाँव में रहने नहीं दे रहे हैं। वे दलितों पर चोरी के झूठे आरोप लगा रहे हैं।' वहीं जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने कहा कि 14 अप्रैल को जब रैली निकाली गई तो पथराव की घटना हुई। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नौ के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई, और एक को गिरफ्तार कर लिया गया, और गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। आरोपी पक्ष (गुर्जर) ने भी 16 अप्रैल को दलित समुदाय के सदस्यों पर हमला करने और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।

माहौल खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई: रंजन
रंजन ने कहा कि प्रशासन निष्पक्ष होकर काम कर रहा है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे लोग जो शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि पलायन जैसा कोई मामला नहीं होगा, हम सभी दलितों को वापस घर छोड़कर आएंगे और जो भी वैमनस्यता फैलाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर रद्द करना संभव नहीं: शर्मा
वहीं एडिशनल एसपी चंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि दलित समुदाय के लोगों ने भरतपुर कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। उन्होंने कहा, 'वे अपने खिलाफ दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर का विरोध कर रहे हैं, जो उनका अधिकार है। हमने उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है लेकिन वे शिकायत को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जो संभव नहीं है।' इससे पहले कलेक्टर कार्यालय पहुंचे दलित समुदाय के लोगों के खाने-पानी की व्यवस्था की गई। उसके बाद समझाइश का दौर शुरू हुआ।

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