राजस्थान विश्वविद्यालय के 75 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती उत्सव

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के मुख्य आतिथ्य में हीरक जयंती उत्सव ’रंग-छवि’ का आयोजन हुआ। ’रंग-छवि’ कार्यक्रम के अन्तर्गत घूमर पंडाल में पेन्टिंग कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। पेन्टिंग कलाकृतियाँ वाटर-कलर, वुड-कट, एक्रिलिक, चारकोल आदि विद्याओं में निर्मित थी। इस अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए डॉ कल्ला ने कहा कि राजस्थान के प्रत्येक क्षेत्र की कलाकृतियां भिन्न-भिन्न एवं विशिष्ट है। कला के माध्यम से व्यक्तियों एवं संस्थान की ख्याति सर्वत्र व्याप्त होती है । शिक्षा मंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति कला के प्रति रुचि व सम्मान रखता है वह ऊंचाई पर पहुंचता है तथा कला व साहित्य से विहीन मनुष्य कमतर मनुष्य होता है।
       
गौरतलब है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में इस तरह की कला-प्रदर्शनी प्रथम बार आयोजित की जा रही है। कला-प्रदर्शनी में राजस्थान विश्वविद्यालय के नियमित विद्यार्थी एवं पूर्व छात्र कलाकारों की कलाकृतियाँ एवं तस्वीरें प्रदर्शित की गई जिसमें से निर्णायक मंडल द्वारा 12 कलाकृतियों को सम्मानित किया गया। इसमें 10 हजार रूपये के दो पुरस्कार, 5 हजार रूपये के 5 पुरस्कार एवं 3 हजार रूपये के 5 पुरस्कार घोषित किए गये। आशीष कुमार वर्मा एवं मोनिका जलवनिया को 10 हजार रूपये का, जयश्री शर्मा, हरिता चौधरी, सौम्या तिवारी, चेष्टा कटियार, रविराज सिंह शेखावत को 5 हजार रूपये का एवं विजय जालदित्य जाँगिड़, रेखा सोनी, दिलीप सैनी, बिन्दु कुमारी, सोनिया कँवर को 3 हजार रूपये का तथा अपर्णा जैन, अंशा तखर, दीक्षा कुन्द्रा को सान्त्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल के सदस्य विद्यासागर उपाध्याय (राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट), विनय शर्मा (ललित कलां अकादमी), रजनीश हर्ष (ललित कलां अकादमी) एवं शाइन भोला रहे।
    
कला-प्रदर्शनी के समापन एवं पुरस्कार समारोह में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ बीडी कल्ला मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि प्रख्यात कलाविद राम जैसवाल रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजीव जैन ने की। समापन समारोह में सभी कलाकारों को अतिथियों ने प्रमाण-पत्र वितरित किए।

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