कस्तूरबा गांधी एवं ज्योतिबा फूले की जयंती पर गांधी दर्शन

जयपुर। सेंट्रल पार्क स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज एंड गवर्नेंस में गांधी प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी की जयंती पर सोमवार को एक संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि कुमार प्रशांत गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली के अध्यक्ष रहे विशिष्ट अतिथि सवाई सिंह, धर्मवीर कटेवा, मनोज ठाकरे रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध गांधीवादी अमरनाथ भाई ने की। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर बीएम शर्मा ने स्वागत भाषण दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रशांत कुमार ने अपने वक्तव्य में देश के स्वाधीनता संग्राम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ मिलकर महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महान समाजसेवी का स्वतंत्रता सेनानी कस्तूरबा गांधी की जयंती के संदर्भ में उनके द्वारा किए गए संघर्ष की चर्चा की। महिलाओं के अधिकार एवं सशक्तिकरण पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा की शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा और गांधी दर्शन को समझते हुए किस प्रकार से वह अपने अधिकारों के आधार पर देश में कितना योगदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में महिलाओं पर दुर्व्यवहार एवं अन्य ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिन पर उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता है साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से समाज से अपील की महिला समाज का मुख्य केंद्र है किसी भी परिवार को मजबूत बनाने में बहुत बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं की होती है इसलिए समाज का कर्तव्य है कि वह भी अपनी जिम्मेदारी महिलाओं के प्रति पूर्ण रूप से समर्पण के भाव से निभाए।

उन्होंने गरीब दलित एवं महिला उत्थान के लिए सदैव संघर्ष करने वाले सामाजिक समर सत्ता के प्रबल समर्थक और विचारक महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर भी उन्होंने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले ने पिछड़े समाज में एक नई सामाजिक क्रांति को जन्म दिया जिससे एक परिवर्तन की लहर पैदा हुई। समाज के उत्थान के लिए ज्योतिबा फूले द्वारा किए गए कार्य हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे।

विशिष्ट अतिथि सवाई सिंह राजस्थान समग्र सेवा संघ अध्यक्ष ने महान स्वतंत्रता सेनानी कस्तूरबा गांधी और महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती पर अपने विचार प्रस्तुत किए और दोनों की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने गांधी दर्शन की बात करते हुए उन्होंने गांधी जी द्वारा किए गए रचनात्मक कार्यों की चर्चा की जिनमें प्रमुख रूप से कौमी एकता सामाजिक सद्भावना छुआछूत शराबबंदी खादी आर्थिक विकेंद्रीकरण गांव की सफाई नई तालीम मस्तिष्क का विकास हृदय का विकास बुनियादी तालीम प्रौढ़ शिक्षा महिलाओं के अधिकार आरोग्य के नियम प्रांतीय भाषाएं राष्ट्रभाषा हिंद स्वराज आर्थिक समानता किसानों के हित आदिवासियों का विकास और उत्थान मजदूर के लिए योजना विद्यार्थी के लिए प्रयास गौ सेवा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध गांधीवादी अमरनाथ भाई ने अपने विचारों में गांधी दर्शन को उपस्थित जनसमूह से अपने जीवन में अपनाने की अपील की और गांधी दर्शन के आधार पर देश की वर्तमान परिस्थितियों को एवं दशा और दिशा को बदलने का आग्रह किया प्रोफेसर बीएम शर्मा, मनीष शर्मा धर्मवीर कटेवा ने भी दोनों के व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रसिद्ध गांधीवादी और प्रशिक्षक मनोज ठाकरे द्वारा किया गया कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के भरतपुर संभाग से आए गांधी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाली प्रतिभागी एवं जनसमूह उपस्थित था।

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