बिहार पुलिस के दावे को जबलपुर पुलिस ने झुठलाया, AK-47 की तस्करी का मामला

जबलपुर
बिहार के मुंगेर पुलिस ने ए के 47 रायफल से जुड़े मामले मे जिस तरह से जबलपुर का नाम लिया है उसको लेकर एस पी अमित सिंह का बडा बयान आया है। एस पी अमित सिंह के मुताबिक 2018 तक के इतिहास मे आज तक कभी भी जबलपुर मे एके 47 का उपयोग नही हुआ है, ऐसे मे मुंगेर पुलिस का जबलपुर को इस मामले से जोड़ना कही न कही गलत है।

जबलपुर एस पी अमित सिंह ने एके 47 को लेकर मुंगेर पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान उठाए है।एस पी ने कहाँ कि अगर एके 47 के मामले मे जबलपुर के अपराधी जुड़े हुए थे तो मुंगेर पुलिस को उनसे संपर्क करना था पर ऐसा कुछ भी नही हुआ और बिहार पुलिस ने इतने बड़े मामले मे प्रेसवार्ता भी कर दी।इस पूरे मामले को लेकर एस पी ने अपने वरिष्ठ अधिकारीयों को अवगत भी करवाया है साथ ही उन्होने कहा कि जल्द ही क्रांईम ब्रांच की एक टीम  मुंगेर के लिए रवाना होगी और तह तक जाऐगी कि अखिर इस पूरे हाथियारो की तस्करी मे जबलपुर का नाम कैसे आया।जरुरत पड़ने पर पुलिस उन आरोपीयो को रिमांड़ पर लेकर जबलपुर लाकर पूँछताँछ भी करेगी।गौरतलब है कि बिहार की मुंगेर पुलिस ने ये दावा किया था कि बुधवार की देर रात छापेमारी कर जमालपुर के पास आधुनिक हाथियारो बड़ी खेप बरामद की है।बरामद हाथियारो मे तीन एके 47 व इसके कल-पुर्जे शामिल है।कार्यवाही के दौरान पुलिस ने अन्य लोगो के साथ मो.इमरान को भी गिरफ्तार कर पूँछताँछ की तो उसने बताया कि ये हाथियार उसने जबलपुर से खरीद कर लाए थे।मुंगेर पुलिस को पूँछताँछ मे इमरान ने बताया कि लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से लाया था और मुगेंर के एक अपराधी को ड़िलेवर करनी थी।बहरहाल मुंगेर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाही पर जबलपुर पुलिस ने सवाल उठाए है।

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