नहीं बिक पाई 93 करोड़ की 1954 प्रॉपर्टी, हाउसिंग बोर्ड और ठेकेदारों के करोड़ों रुपए अटके

भोपाल
कोरोना के चलते लोगों की आमदनी पर असर पड़ा है, निजी क्षेत्रों में कई लोगों की नौकरियां चली गई है। इसका असर मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल की सम्पत्तियों की बिक्री पर भी पड़ा है। हालत यह है कि हाउसिंग बोर्ड की प्रदेशभर में 93 करोड़ 41 लाख 96 हजार रुपए की 1954 प्रॉपर्टी नहीं बिक पा रही है। मप्र गृह निर्माण मंडल को अपनी सम्पत्ति बेचने के लिए कड़ी कवायद करना पड़ रहा है। अटल आश्रय योजना के तहत आने वाले हितग्राही भी इन सम्पत्तियों की राशि जमा करने आगे नहीं आ रहे है। इस योजना में भोपाल के गौरव नगर बैरागढ़ चीचली में 611 एलआईजी और 12 ईडब्ल्यूएस नहीं बिक पाए है।  इसके अलावा नेवरी भोपाल में 39 एलआईजी,अमलतास कॉलोनी छतरपुर में 91 ईडब्ल्यएस, 11 दुकाने, अनूपपुर जिले की कपिलधारा कॉलोनी बरबसपुर में एलआईजी, ईडब्ल्यूएस, उमरिया जिले की बांधवगढ़ कॉलोनी डबरौहा में एलआईजी, ईडब्ल्यूएस और दुकाने काफी संख्या में नहीं बिक पाई है।

स्ववित्तीय योजना में भी खरीददार नहीं
स्ववित्तीय योजना और अटल आश्रय योजना के तहत काफी प्रापर्टी नहीं बिक पा रही है। अशोकनगर के आनंदम  नगर ईसागढ़, में 36 ईडब्ल्यूएस, चालीस एलआईजी, तथ दोनो वर्ग के 204 भूखंड नहीं बिक पा रहे है। अशोकनगर के लवकुश विहार मुंगावली में 67 एलआईजी, ईडब्ल्यूएस आवास और 128 भूखंड नहीं बिक पाए है।

स्ववित्तीय योजनाओं में अनूपपुर जिले के कोतमा स्थित सोनभद्र कॉलोनी में अलग-अलग आकार के 167 भूखंड और आवास  नहीं बिक पाए है।  शहडोल जिले में धनपुरी बुढार की नर्मदा परिसर कॉलोनी में एलआईजी, ईडब्ल्यूएस आवासों में दो सौ से अधिक आवासों को लेने कोई नहीं आ रहा है। इस तरह प्रदेशभर में  कुल 1 हजार 974 सम्पत्ति अभी तक नहीं बिक पाई है।

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