प्रदेश में नौ नए मेडिकल कालेज के लिए 300 करोड़ स्र्पये का प्रवधान 

भोपाल
 स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में बजट में कोई नई योजना शुरू नहीं की गई है, लेकिन पुरानी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट रखा गया है। प्रदेश में नौ नए मेडिकल कालेज खोलने के लिए बजट में 300 करोड़ स्र्पये का प्रविधान है। एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने के लिए 109 करोड़ रुपये अतिरिक्‍त रखे हैं। प्रदेश में अभी 13 सरकारी मेडिकल कालेज हैं जो आने वाले सालों में 22 हो जाएंगे। एमबीबीएस की सीटें 2035 से बढ़कर 3250 हो जाएंगी। बीएससी नर्सिंग की सीटें 390 से बढ़ाकर 810 करने का भी बजट में प्रविधान किया गया है।

–मानसिक स्वास्थ्य, हेपेटाइटिस, डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए 281 करोड़ का बजट है।
— राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन : शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, हेल्थ एवं वेलनेस केंद्र समेत सभी कार्यक्रमों के लिए 3600 करोड़ रुपये रखे गए हैं जो पिछले साल 3035 करोड़ रुपये था।
— मच्छरजनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, जीका आदि के लिए 201 करोड़ रुपये का प्रविधान पहली बार अलग से किया गया है।
— 15 वें वित्त आयोग के तहत अनुदान के लिए 923 करोड़ का प्रविधान किया गया है। इसमें संजीवनी क्लीनिक, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के साथ ही इनका संचालन व्यय शामिल है।
— जिला अस्पताल और औषधालयों के निर्माण के लिए 1180 करोड़ रखे हैं जो पिछले साल 1208 करोड़ था।

पशुओं के इलाज के लिए हर ब्लाक में होगी एंबुलेंस
बीमार पशुओं के इलाज के लिए हर ब्लाक में एक एंबुलेंस चलाई जाएंगी। इसमें एक पशु चिकित्सक और सहयोगी को तैनात किया जाएगा। वह घर-घर जाकर पशुओं का इलाज करेंगे। इन एंबुलेंस में जरूरी चिकित्सा उपकरण भी होंगे। केंद्र के सहयोग से यह योजना शुरू की जा रही है। इसके अलावा गहन पशु विकास योजना के लिए 720 करोड़ का प्रविधान है। यह राशि उन्नत किस्म के दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने पर खर्च होगी।

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