लंपी वायरस से निपटने प्रशासन ने गंभीरता दिखाई , स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया

ग्वालियर

 लंपी वायरस को लेकर अब प्रशासन ने कोरोना की तरह खतरा मानकर इंतजाम करने में गंभीरता दिखाई है। कोविड-19 की तर्ज पर ही स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां तीन पशु चिकित्सकों की अगुवाई में सहायक स्टाफ सूचनाएं और उपचार मुहैया कराने को लेकर काम करेगा। किसी भी क्षेत्र से गाय के बीमार होने की सूचना आने पर उस क्षेत्र के डॉक्टर या सहायक स्टाफ को इलाज के लिए भेजा जाएगा। पशु पालन विभाग ने इसकेे लिए 63 डॉक्टर और सहायक कर्मचारियों की सूची भी जारी कर दी है। नगर निगम सहित अंचल में पदस्थ पशु चिकित्सक और अमला अब मुख्यालय पर रहेंगे। जिस क्षेत्र से सूचना आएगी उस क्षेत्र में पदस्थ पशु चिकित्सक और सहायक स्टाफ मौके पर जाकर इलाज करेगा। शहर मेंं लंपी वायरस से पीडि़त गायों की पहचान, टीकाकरण और उपचार के लिए विशेष दल बनाए गए हैं। यह दल पूरे शहर मेंं घूमकर उपचार और टीकाकरण करेंगे। जिले में अभी तक 35 हजार पशुओं को वैक्सीन लग चुकी है। 15 हजार पशुओं को लगाने का काम जारी है। कलेक्टर ने बैठक में कहा है कि वैक्सीन खत्म होने पर रेडक्रॉस से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह के अलावा जिपं सीईओ आशीष तिवारी, नगर निगम अपर आयुक्त अतेन्द्र गुर्जर, उप संचालक पशुपालन डॉ केएस बघेल सहित पशु चिकित्सा से संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बीते पांच दिन में 200 से अधिक गायों की मौत के बाद उभर रहे आक्रोश के बाद आंदोलन की चेतावनी दी जा रही थी। पशु पालन और पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही और उदासीनता से उभर रहे इस आक्रोश की वजह से अगर आंदोलन होता तो 16 अक्टूबर को देश के ग्रहमंत्री की मौजूदगी में होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में भी प्रशासन के लिए मुश्किल हो सकती थी। इसको ध्यान में रख प्रशासन ने रविवार को मंथन करने के बाद सोमवार को गोसेवक, पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग के साथ-साथ चारों जनपद के सीईओ और नगर निगम के अपर आयुक्त की मौजूदगी में बैठक हुई। विभागीय समन्वय बैठक से पहले हुई इस बैठक में सभी गोसेवकों से सुझाव लिए गए है। इसके साथ ही अब शहर में चिन्हित की गई जगहों के अलावा शहर से बाहर और ग्रामीण क्षेत्र में भी आइसोलेशन सेंटर बनाए जाने के लिए जगह देखी जा रही है।

यहां हो रही इलाज की व्यवस्था
-लदवाया में आइसोलेशन सेंटर बनाने की स्वीकृति कलेक्टर ने दे दी है। लेकिन शहर से दूरी होने के कारण यहां गायों को पहुंचाने में समय ज्यादा लगेगा।
-नगर निगम ने एजी ऑफिस के पास मौजूद पुराने खिरक को गायों के इलाज के लिए अस्थाई रूप से उपयोग करने का काम शुरू कर दिया है। यहां लगभग 100 गायों को रखा जा सकता है।

-शनिचरा रोड पर आइसोलेशन सेंटर बनाने के लिए जगह ढूंढी जा रही है। बंधौली और बरेठा में मौजूद बीमार गायों के ठीक होने के साथ ही उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करना शुरू किया जाएगा ताकि बीमार गायों को रखा जा सके।

-प्रत्येक आइसोलेशन सेंटर में पशु चिकित्सक सुबह और शाम को तीन-तीन घंटे अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।

कमांड सेंटर में बनाया कंट्रोल रूम
-लंपी वायरस संक्रमण से संबंधित सूचनाएं दर्ज करने और उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर मेंं कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम के नंबर 0751-2646605, 2646606, 2646607 एवं 2646608 पर कॉल करके सूचना और उपचार संबंधित मांग की जा सकती है। कंट्रोल रूम में तीन पालियों में पशु चिकित्सा दल की ड्यूटी लगाई गई है

। सुबह 6 से 12 बजे की पाली में पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण उपाध्याय मो. 9425407662 के साथ चार सदस्यीय दल काम करेगा। दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक पशु चिकित्सक डॉ. रमा गुप्ता मो. 9806003013 लीड करेंगीं। शाम 6 से रात 12 बजे तक पशु चिकित्सक डॉ. अशोक जैसवानी मो. 9826253198 लीड करेंगे।

Related Articles

Back to top button