उज्जैन में कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों ने महाकाल मंदिर परिसर का निरीक्षण

भोपाल

उज्जैन में  सात सौ करोड़ से कायाकल्प के बाद नये कलेवर में तैयार महाकाल मंदिर परिसर देश सबसे बड़ा कॉरिडोर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले माह 11 अक्टूबर को इसका लोकार्पण करने वाले है। पीएम के दौरे के पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्रियों ने इस पूरे परिसर का निरीक्षण कर परिसर के नये स्वरुप का अवलोकन किया।  उज्जैन के नये कलेक्ट्रेट भवन में कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों ने महाकाल मंदिर परिसर का निरीक्षण कर वहां की साज-सज्जा का अवलोकन किया। यहां  देवी-देवताओं की बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की गई है। रुद्रसागर के चारों ओर ऊंची दीवार और इस पर आकर्षक म्यूरल  बनाए गए है। यहां शिव दरबार सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार को भी  नया स्वरुप दिया गया है। विस्तार के बाद महाकाल मंदिर क्षेत्र आठ गुना विस्तारित हो गया है। रुद्रसागर को चारधाम और महाकाल मंदिर से ब्रिज के जरिए जोड़ा जा रहा है।  मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने महाकाल मंदिर नये परिसर की मुक्त कंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल मंदिर की ख्याति न केवल भारत बल्कि विदेशों तक पहुंचाना है।

भगवान शिव के 190 रूप
महाकाल कॉरिडोर में देवी-देवताओं की अद्भुत प्रतिमाएं हैं। भगवान शिव के ही 190 रूप हैं। यहां भगवान शिव, देवी सती और दूसरे धार्मिक किस्सों से जुड़ी करीब 200 मूर्तियां और भित्त चित्र बनाए गए हैं। श्रद्धालु हर एक भित्ति चित्र की कथा इस पर स्कैन कर सुन सकेंगे। सप्त ऋषि, नवग्रह मंडल, त्रिपुरासुर वध, कमल ताल में विराजित शिव, 108 स्तम्भों में शिव के आनंद तांडव का अंकन, शिव स्तम्भ, भव्य प्रवेश द्वार पर विराजित नंदी की विशाल प्रतिमाएं मौजूद हैं। महाकाल कॉरिडोर में देश का पहला नाइट गार्डन भी बनाया गया है।

5 अक्टूबर से प्रारंभ होगा लोकार्पण उत्सव
मंगलवार सुबह महाकाल मंदिर परिसर विस्तारीकरण के लोकार्पण की तैयारियों की संबंध में अफसरों और मंत्रियों से वर्चुअल बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महाकाल परिसर विस्तारीकरण के प्रोजेक्ट का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकार्पण प्रदेश के जन-जन का कार्यक्रम है। प्रदेशवासी और विशेषकर उज्जैनवासी ही इस आयोजन की बागडोर संभालेंगे। लोकार्पण अवसर पर 5 अक्टूबर से धार्मिक गतिविधियाँ आरंभ होंगी, जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाकाल प्रोजेक्ट के लोकार्पण के साथ पूर्ण होंगी। उज्जैन निवासी हर घर और दुकान में रंगोली और साज-सज्जा करेंगे।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाहर से आने वाले अतिथियों को उज्जैन की सीमा आरंभ होते ही उत्साह, उल्लास के साथ-साथ भक्ति से परिपूर्ण  शिवमय वातावरण का अनुभव होगा। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भोजन, भंडारे आदि का आयोजन किया जाएगा। आगंतुकों के लिए पेयजल, पार्किंग, ठहरने और आकस्मिक स्थिति में उपचार आदि की व्यवस्था के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं अपनी सेवाएं देंगी। उज्जैन में विभिन्न स्थानों पर देश के अलग-अलग अंचलों के नृतक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण गरिमा और भव्यता के साथ महाकाल की सवारी निकाली जाएगी। देवस्थानों में कीर्तन, भजन, सुंदरकांड का पाठ होगा। पंडित सुखदेव चतुर्वेदी द्वारा श्लोकों की प्रस्तुति की जाएगी। इसके साथ ही क्षिप्रा आरती, संत-समागम और संतों के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा धर्म संस्कृति के विभिन्न आयामों पर परिसंवाद भी आयोजित होंगे।

मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना शुरू होगी, मिलेंगे रोजगार, बैठक में मुहर
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गोदामों से उचित मूल्य दुकानों तक राशन पहुंचाने और उपार्जित अनाज के परिवहन के लिए मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना शुरु होगी। इसमें 18 से 45 वर्ष के युवा बेरोजगारों को वाहन खरीदने सरकार 25 लाख रुपए तक का बैंक कर्ज उपलब्ध कराएगी। इसमें सवा लाख रुपए का अनुदान और तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान सरकार देगी। हर माह 11 से 30 तारीख तक वाहन मालिकों को अनाज दुकानों तक पहुंचाना होगा। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांतियोजना में आयु सीमा 18 से 45 वर्ष करने और विनिर्माण इकाई के लिए परियोजना सीमा पचास हजार से पचास लाख, सेवा इकाईयों एवं रिटैल व्यवसाय के लिए परियोजना सीमा पचास हजार से 25 लाख करने का अनुसमर्थन किया गया।

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