राज्य सरकार के खजाने में डीएमएफ मद में जमा होने वाली 2583 करोड़ की रकम

भोपाल
प्रदेश में जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) मद में जमा होने वाली 2583 करोड़ की रकम जिलों के बजाय राज्य सरकार के खजाने में पड़ी है। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार 8 माह पहले इस पर आपत्ति कर चुकी है। आपत्ति के बाद भी यह राशि जिलों को वापस नहीं लौटाई गई है। इसके बाद अब प्रदेश के जिलों में डीएमएफ के सिर्फ 712 करोड रुपए ही जमा हैं।

जिलों में जमा राशि के जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार 2015 से लेकर 31 मार्च 2022 तक की स्थिति में कुल 5050 करोड़ रुपए जिलों में इस मद में जमा हुए हैं। इसमें सबसे अधिक 3181 करोड रुपए सिंगरौली जिले में जमा हुए। यहां जमा राशि के मुकाबले खर्च की गई राशि 1026.8 करोड रही है। बाकी 2008.9 करोड रुपए राज सरकार के खाते में जमा करा दिए गए जिसके बाद खर्च और रिश्ता हस्तांतरित राशि 3035.7 करोड़ रुपए हो गई है और अब सिंगरौली जिले के पास 145.43 करोड रुपए ही 31 मार्च की स्थिति में बचे हैं।

 इसके अलावा जिन जिलों में 20 करोड़ से अधिक राशि जमा है उसमें नीमच में 24.43 करोड़, रीवा में 20.79,  सतना में 69.9, शहडोल में 84.96, सीधी में 24.80, उमरिया में 26.67 करोड़ रुपए शामिल हैं। सिंगरौली के बाद सबसे ज्यादा खर्च वाले जिले अनूपपुर और सतना में 178-178 करोड़ और छिंदवाड़ा में 98 करोड़ रुपए विकास कार्यों में खर्च किये गए हैं। सूत्रों का कहना है कि कुल जमा राशि 5050 करोड़ में से 4337.25 करोड रुपए खर्च और हस्तांतरित किये गए हैं जिसमें से अकेले 2582. 89 करोड़ राज्य निधि के रूप में जमा किए गए हैं।

 इसके अलावा अनूपपुर जिले में 48.22 करोड, बालाघाट में 40.23 करोड़, बैतूल में 34.9, जबलपुर में 38.3 दो और कटनी में 61.32 करोड रुपए जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में जमा हैं।

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