छात्रवृत्ति पुन: प्रारंभ करने के लिए आरिफ मसूद ने दिया राज्यपाल को ज्ञापन

विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में लिली टॉकीज के सामने बड़ी संख्या में कॉग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित होकर राज भवन के लिए रवाना हुए, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था

उज्जवल प्रदेश, भोपाल. विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में लिली टॉकीज के सामने बड़ी संख्या में कॉग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित होकर राज भवन के लिए रवाना हुए, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लिली टॉकीज के सामने पुलिस ने प्रदर्शनकारीयों को रोका प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंप कर छात्रवृत्ति पुन: प्रारम्भ किये जाने की मॉग की।

विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि में सिर्फ गरीबी रेखा के राशनकार्ड धारक बच्चों को एडमिशन मिलता है वहीं सभी गरीब लोगों के पास गरीबी रेखा का राशन कार्ड नहीं होता है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति से केवल 25 प्रतिशत सीटे ही (RTE) से भरी जाती हैं, वहीं सरकारी स्कूलों की जो एज्युकेशन की स्थिति दैयनीय है। केन्द्र के इस फैसले से मध्यम वर्ग के एक बड़े तबके के बच्चे छात्रवृति ना मिलने के कारण शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।

आगे आरिफ मसूद ने कहा कि विगत कई वर्षो से भारत सरकार द्वारा कक्षा 1 से 8 वीं तक के अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही थी। इस वर्ष शिक्षण सत्र 2022-2023 के लिए भी भारत सरकार द्वारा कक्षा 1 से कक्षा 10 वीं तक के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने हेतु जुलाई 2022 में National Scholorship Portal (NSP) के माध्यम से आॅनलाईन आवेदन आंमत्रित किये गये तथा जुलाई 2022 से 15 नवम्बर 2022 तक अल्पसंख्यक समुदाय के कक्षा 1 से कक्षा 10 वीं तक के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में सभी छात्र-छात्राओं के द्वारा प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के आॅनलाईन आवेदन जमा किये गये।

केन्द्र सरकार/राज्य सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय के द्वारा कक्षा 1 से कक्षा 8 वीं तक के छात्र-छात्राओं के आवेदन निरस्त कर दिये गये हैं, जिसके कारण से अल्पसंख्यक छात्र-छात्राएं शासकीय सत्र 2022-23 की छात्रवृत्ति से वंचित हो गये हैं, जो कि अनुचित है। National Scholorship Portal (NSP) पर मंत्रालय द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया जिसमें यह दर्शाया गया है कि केन्द्र सरकार द्वारा कक्षा 1 से कक्षा 8 वीं के छात्र-छात्राओं को आरटीई के माध्यम से नि:षुल्क शिक्षा दी जा रही है इसलिये यह छात्रवृत्ति के लिये पात्र नही है।

यह कि आरटीई के अंतर्गत केवल 25 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही नि:षुल्क शिक्षा प्राप्त कर पाते है उनमें भी केवल वे छात्र-छात्राएं जो कि पात्र हैं और उन्हे भी आॅनलाईन लॉटरी के माध्यम से प्रवेश मिल पाता है बाकि अन्य छात्र-छात्राओं के द्वारा अषासकीय विद्यालय में फीस के माध्यम से ही अध्ययन कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शसकीय विद्यालयों में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन राषि के रूप में मात्र 1000/- रुपए दी जाती है उसे भी बंद कर दिया गया है।

विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति विगत कई वर्षो से भारत सरकार की ओर से दी जा रही है जिसे बंद किया जाना अनुचित है जो कि जनहित में नहीं है। गरीब अल्पसंख्यक समुदाय के कक्षा 1 से 8 वीं तक के बच्चों को इस छात्रवृत्ति से षिक्षा प्राप्त करने में बड़ी सहायता प्राप्त हो जाती थी। लेकिन इसे बंद कर दिये जाने के कारण अल्पसंख्यक समुदाय का षिक्षा का विकास अवरूद्ध होगा। अल्पसंख्यक समुदाय वैसे ही षिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है और सरकार का यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय को षिक्षा से ओर दूर कर देगा।

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