आयुष्मान योजना से इलाज पर तीन लाख् ज्यादा खर्च तो होगा आडिट

भोपाल
 आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन मरीजों के इलाज पर तीन लाख् रुपये या इससे ज्यादा खर्च हुआ है, उनका आयुष्मान भारत योजना का संचालन करने वाली स्टेट हेल्थ एजेंसी की तरफ से आडिट कराया जाएगा। भोपाल के वैष्णव अस्पताल द्वारा बिना इलाज किए ही कई मरीजों की बीमा राशि के लिए क्लेम करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। अस्पताल द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने के बाद यह पता लगाने के लिए कि अस्पताल तो इस तरह की गड़बड़ी नहीं कर रहे हैं, यह व्यवस्था की जा रही है।

आयुष्मान भारत योजना के सीईओ अनुराग चौधरी ने बताया कि वैष्णव अस्पताल में जो मरीज भर्ती ही नहीं हुए, उनका फर्जी नाम दिखाकर क्लेम भेज दिया। औचक तौर पर आयुष्मान योजना के काल सेंटर की तरफ से कर्मचारियों ने मरीजों से बात की तो उन्होंने इस बात से साफ मना कर दिया और कहा कि वह उस अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची तो यहां एक भी मरीज नहीं मिला, जबकि आनलाइन पोर्टल में 30 मरीजों को भर्ती दिखाया जा रहा था। इसके बाद अस्पताल के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। इसकी मान्यता निरस्त करने के लिए भी स्टेट हेल्थ एजेंसी की तरफ से सीएमएचओ भोपाल को पत्र लिखा गया है। साथ ही अस्पताल का 50 लाख का भुगतान भी रोक दिया गया है।

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