निर्विरोध चुनाव पर पंचायतों के लिए 50 लाख रुपए तक के पुरस्कार

भोपाल
निर्विरोध पंचायतों को विकास की दृष्टि से सरकार की ओर से प्रोत्साहन पैकेज देने का ऐलान कर चुके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समरस पंचायतों को प्रोत्साहन और पुरस्कार राशि देने की घोषणा कर दी है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी और बाद में प्रदेश के नागरिकों को एक संदेश के जरिये भी सद्भावपूर्ण माहौल में पंचायत और नगर निकाय चुनाव में सहभागी बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बुराई के बजाय सद्भाव से निर्विरोध चुनाव कराकर शासन के प्रोत्साहन का लाभ लेने की बात भी कही।

पंचायत चुनाव के लिए तारीख का ऐलान होने के पहले राज्य शासन ने पंचायतों में निर्विरोध निर्वाचन को लेकर पुरस्कारों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के जरिये इन पुरस्कारों का ऐलान करते हुए कहा कि समरस पंचायतों एवं उनके विकास की दृष्टि से आदर्श ग्राम पंचायतों के प्रोत्साहन के लिए ये पुरस्कार दिए जाएंगे।  ट्वीट के जरिये सीएम चौहान ने कहा कि ऐसी ग्राम पंचायतें जहां निर्विरोध निर्वाचन और सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न होंगे उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

किसी भी पंचायत में सरपंच का निर्वाचन अगर निर्विरोध रूप से किया जाता है तो उस पंचायत को 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सरपंच पद के लिए वर्तमान निर्वाचन एवं पिछला निर्वाचन निरंतर निर्विरोध रूप से होने पर पंचायत को 7 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। संपूर्ण पंचायत अर्थात समस्त पंच और सरपंच निर्विरोध निर्वाचित होते है तो पंचायत को प्रोत्साहन स्वरूप 7  लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। पंचायत में सरपंच एवं पंच के सभी पदों पर महिलाओं का निर्वाचन होता है तो पंचायत को 12 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पंचायत में सरपंच एवं पंच के सभी पदों पर महिलाओं का निर्वाचन निर्विरोध रूप से होने पर पंचायत को 15 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

पुरस्कारों में महिलाओं और बच्चों के कार्र्याें को दी जाएगी प्राथमिकता
महिला एवं बाल हितैषी पंचायत को पुरस्कार के लिए जो काम करना होगा, उसमें महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उन्नयन की गतिविधियों को प्रोत्साहन, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सभी संसाधनों से युक्त आंगनवाड़ियां तैयार करना,  कुपोषण से मुक्ति, बेटियों और महिलाओं के कल्याण के लिए बनाई गईं योजनाओं का लाभ दिलाना प्राथमिकता में शामिल होगा। इसी तरह जल परिपूर्ण पंचायत पुरस्कार के लिए जल जीवन मिशन का अधिकतम उपयोग, जनभागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन, अमृत सरोवरों का निर्माण करने पर फोकस करना होगा। स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित पंचायत पुरस्कार के लिए शत प्रतिशत घरों में शौचालय की उपलब्धता, ठोस ओर तरल अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए संचालित योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन, पंचायतों को ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का अधिकतम उपयोग करना होगा। साथ ही पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त करने के उपायों पर कार्य, टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बीमारियों की रोकथाम, नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी उपाय, आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति को दिलाने पर फोकस करना होगा। आर्थिक रूप से आत्म निर्भर पंचायत का पुरस्कार पाने के लिए पंचायतों में नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिये कराधान की मजबूत व्यवस्था बनानी होगी। जन सहयोग और कर संग्रहण से ग्रामीणों को सुविधा और सेवा प्रदान करना, स्व-सहायता समूहों का कौशल उन्नयन एवं बैंक लिंकेज, मनरेगा अंतर्गत स्थायी आजीविका और हर पात्र परिवार को आवास, राशन, गैस आदि की सुविधा दिलाने का काम पंचायत में करना होगा।

4 श्रेणियों में मिलेंगे ये पुरस्कार
सीएम ने ट्वीट कर कहा कि पंचायतों को विकास की दृष्टि से आदर्श बनाने के लिए 4 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। ये पुरस्कार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर पंचायत का पुरस्कार, जल परिपूर्ण पंचायत का पुरस्कार, स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित पंचायत का पुरस्कार, महिला एवं बाल हितैषी पंचायत का पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। प्रत्येक वर्ग के लिए तीन पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। हर पुरस्कार के लिए तीन कैटेगरी तय की गई है। पहला पुरस्कार 50 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 25 लाख रुपए और तृतीय पुरस्कार 15 लाख रुपए दिए जाएंगे।

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