Bhopal News : दुनिया से जाने के बाद भी अनमोल ने दी 5 लोगों की जिंदगी

Bhopal News : भोपाल के 23 साल के युवक के अंगों से 5 लोगों को नया जीवन मिलेगा। युवक का दिल अहमदाबाद में धड़केगा। किडनी और दूसरे ऑर्गन भोपाल, इंदौर, हैदराबाद के मरीजों को दिए जाएंगे।

  • भोपाल में बने 3 कॉरिडोर, अहमदाबाद में धड़केगा अनमोल का दिल
  • एयरपोर्ट तक हार्ट ले जाने में 12.31 मिनट लगे

Bhopal News : आज भोपाल में एक साथ 3 ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। 23 साल के युवक के अंगों से 5 लोगों को नया जीवन मिलेगा। युवक का दिल अहमदाबाद में धड़केगा। किडनी और दूसरे ऑर्गन भोपाल, इंदौर, हैदराबाद के मरीजों को दिए जाएंगे। पुलिस अफसरों की मौजूदगी में सुबह 9 बजे युवक के अंगों को रवाना किया गया।

सोहागपुर के रहने वाले अनमोल जैन का 17 सितंबर को एक्सीडेंट हो गया था। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अनमोल के भाई गौरव जैन ने बताया कि पूरे परिवार ने फैसला किया कि अगर किसी को नई जिंदगी मिले, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है। अस्पताल के डॉक्टरों के साथ चर्चा के बाद परिवार ने सहमति जताई। अस्पताल प्रबंधन ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटी से संपर्क कर अंगदान की प्रक्रिया पूरी की।

  • सुबह 9.40 बजे पहली एंबुलेंस एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई।
  • दूसरी एंबुलेंस 10.30 बजे इंदौर के लिए रवाना हुई।
  • तीसरी एंबुलेंस 10.41 बजे चिरायु अस्पताल के लिए रवाना हुई।

भोपाल चिरायु भेजी किडनी

डॉक्टरों की टीम ने अनुमति मिलने के बाद अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की। अनमोल की किडनी भोपाल में ही मरीज को दी जाएगी। किडनी प्रत्यारोपण चिरायु मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। लिवर इंदौर के एक मरीज को दिया जाएगा। आंख और त्वचा को हमीदिया अस्पताल को दिया गया है।

लंग्स डोनेशन को लेकर भी चल रही कोशिशें

अनमोल के परिजन लंग्स भी दान करना चाहते थे। अंगदान समिति ने इसके लिए राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) से संपर्क किया। देर रात तक इसके लिए कोई रिसीवर नहीं मिल सका था। अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही कोई रिसीवर मिलेगा, लंग्स को प्राइवेट प्लेन से मरीज के पास भेज दिया जाएगा।

तीन कॉरिडोर

अंगों को सुरक्षित मरीजों को पहुंचाने के लिए सुबह सात बजे पहला ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अनमोल के दिल को सिद्धांता अस्पताल से एयरपोर्ट पहुंचाया गया। यहां से दिल विशेष प्लेन से अहमदाबाद भेजा जाएगा। दूसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से चिरायु अस्पताल के बीच बनाया गया, जिससे किडनी पहुंचाई गई। आखिरी कॉरिडोर से लिवर को सिद्धांता अस्पताल से इंदौर ले जाया जाया गया है।

कौन सा अंग कहां भेजा

  • दिल: अहमदाबाद
  • किडनी: सिद्धांता, चिरायु भोपाल
  • लिवर: इंदौर
  • आई और स्किन: हमीदिया भोपाल
  • लंग्स: तय नहीं
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