Bhopal News : ठंड ने राजधानी में तोडा 13 साल का रिकॉर्ड तोडा, तो प्रदेश में नवंबर में 22 साल में सबसे ज्यादा ठंड

Bhopal News : शहर से लेकर गांव में काफी ठंड पड़ रही है। वहीं बादलों के साफ रहने से अगले हफ्ते तक शीतलहर चलने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट देखी गई है।

Bhopal News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. मध्यप्रदेश में बीते सप्ताह से तापमान में गिरावट हुई है। जिसके चलते शहर से लेकर गांव में काफी ठंड पड़ रही है। वहीं बादलों के साफ रहने से अगले हफ्ते तक शीतलहर चलने की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट देखी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश की राजधानी समेत कई इलाकों में ठंड लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही बता दें कि राजधानी भोपाल में इस साल ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि इस बार 13 साल बाद 10 डिग्री के नीचे रात का पारा पहुंचा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी भोपाल में कल रात का तापमान 9.6 डिग्री रहा। वहीं बात करें अन्य इलाके की तो, पचमढ़ी सबसे ठंडा 5 डिग्री पारा पहुंचा। बता दें प्रदेश के 9 जगहों पर 9 डिग्री तक पारा दर्ज किया गया है।

इस बार नवंबर महीना 22 साल में सबसे ज्यादा ठंडा रहा। जबलपुर में तो पहली बार रात का पारा 7 डिग्री पर आ गया। भोपाल में साल 2009 के बाद पहली बार मिनिमम टेम्परेचर 10 डिग्री से नीचे आ गया। बड़ी बात ये कि सबसे ठंडा रहने वाले ग्वालियर में सर्दी के तेवर अभी तक सख्त नहीं हुए हैं।

इंदौर बीते सालों की तुलना में ज्यादा ठंडा नहीं हो सका है। यहां हवाएं उत्तर की ओर से आने के कारण पारा ज्यादा नीचे नहीं उतर पा रहा। मध्य प्रदेश में गर्मी और बारिश के बाद अब ठंड का पैटर्न भी बदलने लगा है। मौसम वैज्ञानिक इसे क्लाइमेट चेंज मान रहे हैं।

ग्वालियर में पड़ती है कड़ाके की सर्दी

मध्य प्रदेश के चारों बड़े शहर (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर) की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहता है। यहां रात का पारा 8 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जाता ह। ग्वालियर में 2 नवंबर 2001 को दिन का टेम्परेचर 37.3 डिग्री सेल्सियस तो रात का पारा सबसे कम 29 नवंबर 1970 में 3 डिग्री तक आ गया था। 1927 में सबसे ज्यादा बारिश 88.1 मिमी और 4 नवंबर 1927 को चौबीस घंटों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश 65.5 मिमी हुई थी। बीते 22 साल की बात की जाए तो 5 बार पारा 8 या उससे नीचे रहा।

इस बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं, पर ठंड पड़ रही

इस बार अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में मॉनसून विदा हो गया। 10 साल में तीसरी बार सबसे लेट मॉनसून विदा हुआ। मॉनसून के जाते ही मौसम शुष्क हो गया। हिमालय में बर्फबारी और पाकिस्तान से एक के बाद एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने के कारण अक्टूबर में ठंडक महसूस हुई, लेकिन उसके बाद तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी भी महसूस हुई।

नवंबर के पहले और दूसरे हफ्ते में मिनिमम टेम्परेचर 15 से 20 डिग्री के बीच अटक गया था। तीसरे हफ्ते भी ठंड के तेवर ज्यादा कड़े नहीं हुए, लेकिन अंतिम हफ्ते में ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया।

आज और गिरेगा तापमान

मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में आज से पारा गिरेगा। वहीं आने वाले कुछ दिनों बाद कड़कड़ाती ठंड का एहसास होगा। बता दें कि राजधानी भोपाल में सुबह 9 बजे तक अच्छी-खासी ठंड पड़ रही है। वहीं दोपहर में तीखी घूप का एहसास हो रहा है। इसके बाद 4 बजे बजते ही हल्की ठंड का एहसास शुरू हो रहा है। वहीं बात करें ग्रामीण इलाकों को तो यहां सुबह से लेकर शाम तक कड़कड़ाती ठंड पड़ी रही है। वहीं पारा गिरने से अगले सप्ताह प्रदेश में शीतलहर की संभावना है।

Show More

Related Articles

Back to top button
Join Our Whatsapp Group