Bhopal PHQ : 10 साल पुराना प्रस्ताव मान लेते तो खत्म हो जाती अर्दली व्यवस्था

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद अब पात्रता से अधिक अर्दली अपने बंगलों पर तैनात करने वालों की छंटनी शुरू हो गई है। इसमें यदि पुलिस मुख्यालय का लगभग दस साल पहले बना प्रस्ताव मान लिया जाता तो पुलिसकर्मियों को अफसरों के घर पर सेवादारी करने से निजात मिल जाती, लेकिन उस वक्त इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली और अब सीएम को इस संबंध में निर्देश देना पड़े। ऐसा अनुमान है कि प्रदेश में इंस्पेक्टर से लेकर डीजीपी तक के बंगलों पर लगभग 4 हजार पुलिसकर्मी बतौर अर्दली काम कर रहे हैं।

यह बना था प्रस्ताव
सूत्रों की मानी जाए तो करीब एक दशक पहले पुलिस मुख्यालय ने एक प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव में यह था कि जिस अफसर को जितने अर्दली रखने की पात्रता है, उस अफसर को अर्दली के वेतन बराबर का भत्ता दे दिया जाए। इस भत्ते पर वे निजी तौर पर काम करने वाले अपने बंगले पर रखेंगे। इससे अर्दली के नाम पर बटालियनों और जिला पुलिस का बल सेवादारी से बच जाएगा और फोर्स के रूप में अपना दायित्व निभा सकता है,लेकिन उस वक्त इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। बाद में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। पुलिस अफसरों का उस वक्त मानना था के एक पुलिसकर्मी के वेतन में वे दो से तीन लोगों को घर का काम करने के लिए रख सकते हैं।

किसे कितने अर्दली की पात्रता
आईजी, एडीजी, स्पेशल डीजी और डीजीपी तक को 4-4 अर्दली अपने बंगले पर रखने की पात्रता है। जबकि पुलिस अधीक्षक, कमांडेंट, एआईजी और डीआईजी को दो-दो अर्दली रखने की पात्रता है। वहीं इंस्पेक्टर, रक्षित निरीक्षक, सीएसपी, एसडीओपी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और सहायक सेनानी तक एक-एक अर्दली रखने की पात्रता है।

संख्या काउंट करना मुश्किल
पुलिस अफसरों के बंगले पर तैनात अर्दलियों की संख्या की जानकारी किसी को नहीं है। प्रदेश भर के सभी जिलों में अर्दली के रूप में पुलिसकर्मी तैनात है। सबसे ज्यादा भोपाल में पुलिस अफसरों के बंगले पर अर्दलियों की तैनाती है। यहां पर जिला पुलिस बल और बटालियनों से इन्हें अफसरों के बंगलों पर तैनात किया गया है। जबकि अन्य जिलों में जिला बल में पदस्थ अधिकांश अफसरों के बंगले पर जिला पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है। वहीं प्रदेश की सभी बटालियनों में तैनात अफसरों के यहां पर बटालियनों से ही जवानों को पदस्थ किया गया है।

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