AIIMS Bhopal की टीम ने किया SMA सिंड्रोम पीडिता का दूरबीन विधि से सफल ऑपरेशन

एम्स भोपाल की जनरल सर्जरी टीम द्वारा एक 20 साल की महिला मरीज सुनीता (परिवर्तित नाम) की एक दुर्लभ सर्जिकल स्थिति (एसएमए सिंड्रोम) का सफल इलाज किया गया ।

AIIMS Bhopal : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. एम्स भोपाल की जनरल सर्जरी टीम द्वारा एक 20 साल की महिला मरीज सुनीता (परिवर्तित नाम) की एक दुर्लभ सर्जिकल स्थिति (एसएमए सिंड्रोम) का सफल इलाज किया गया । युवती सागर की एक इंजीनियरिंग छात्रा है और करीब 1 साल से पेट दर्द के कारण परेशान थी । उसने सागर और भोपाल के कई अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन उसे आराम नहीं मिला । वह पिछले लगभग एक महीने से दर्द और उल्टी के कारण बिस्तर पर ही थी ।

एम्स भोपाल में सर्जरी टीम ने दर्द के कारणों का पता लगाया । एसएमए सिंड्रोम एक दुर्लभ सर्जिकल डिसऑर्डर है और यह 0.1% से कम आबादी में देखा जाता है । इस स्थिति का उपचार शल्य चिकित्सा है, जो आमतौर पर पेट में बड़ा चीरा लगाकर किया जाता है ।

एम्स भोपाल में सर्जरी टीम के डॉ. वशीम फिरोज खान के साथ प्रो० (डॉ.) श्याम लाल और डॉ स्वागता ब्रह्मचारी द्वारा लेप्रोस्कोपी (दूरबीन विधि अथवा की-होल) के जरिए सफलतापूर्वक सर्जरी की गई । सफल की-होल सर्जरी से मरीज की रिकवरी तेजी से हुई और सर्जरी के 5 दिन बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई ।

मध्य प्रदेश में एसएमए सिंड्रोम के लिए यह पहली सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी है । सर्जरी टीम द्वारा यह भी जानकारी दी गई है कि एम्स भोपाल, प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह कार्यपालक निदेशक, के कुशल नेतृत्व में भविष्य में भी ऐसी चुनौतीपूर्ण एवं शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिकित्सा के लिए तैयार है ।

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