Bhopal Crime News : पुलिस ने MD स्मेक तस्कर को थार जीप सहित दबोचा

Latest Bhopal Crime News : पुलिस ने एक तस्कर के पास से 15 ग्राम एमडी नामक मादक पदार्थ बरामद किया है और उसकी कीमत डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। यह महंगा नशा याऊं- याऊं के नाम से भी मशहूर है।

Latest Bhopal Crime News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. अयोध्या नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से 15 ग्राम एमडी नामक मादक पदार्थ बरामद किया है और उसकी कीमत डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। यह महंगा नशा याऊं- याऊं के नाम से भी मशहूर है। आरोपी थार जीप में सवार होकर मादक पदार्थ की तस्करी कर रहा था। पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

क्या है मामला

थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि थार जीप क्रमांक एमपी 04 जेडए 9143 पर सवार कोई व्यक्ति मादक पदार्थ लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सक्रिय हो गई और सूखी सेवनिया से अयोध्या नगर की ओर आने वाले सुनसान रोड पर ग्राम अरेडी पुलिया के पास लाल रंग की थार जीप को रोक लिया।

तलाशी लेने पर उसके चालक हामिद खान (57) निवासी कोकता थाना बिलखिरिया के कब्जे से 15 ग्राम एमडी नामक मादक पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह कहां से मादक पदार्थ लेकर आया था और किसे सप्लाई करने वाला था।

नशे का बढ़ रहा युवाओं में क्रेज

गौरतलब है कि कौकीन के बाद एमडी सबसे महंगा मादक पदार्थ माना जाता है। खासतौर से रईसजादों की देर रात चलने वाली पार्टियों व महानगरों में एमडी का नशा करने का चलन है। पूर्व में इस नशे के अलग-अलग समय पर गिर तार किए गए अन्य तस्कर,रिजवान,आमिर उर्फ बर्फ और फरहान ने पुलिस को बताया था कि इन नशों की सर्वाधिक खपत हुक्का लाउंज और बेचेलर पार्टिज में होती है।

याऊं – याऊं क्या है

मेफेड्रोन ड्रग को कोड नाम के तहत ‘ याऊं- याऊं कहा जाता है। मेफेड्रोन कोई दवा नहीं, बल्कि पौधों के लिए बनी सिथेंटिक खाद है, लेकिन इसका सेवन करने से हेरोइन और कोकीन से भी ज्यादा नशा होता है। दोनों की तुलना में यह ड्रग बहुत ही सस्ता है लेकिन भोपाल में इसकी अधिक कीमत वसूली जाती है। पिछले कु छ वर्षों में नशे के सौदागरों ने शहर के युवाओं को एमडी ड्रग के जाल में इस कदर जकड़ लिया है कि बड़ी सं या में युवा नशेड़ी बनते जा रहे हैं।

सोशल नेटवर्किंग का सहारा

नशे के कारोबारियों ने इसकी खपत के लिए कॉलेजी छात्र-छात्राओं तथा पार्टी में जाने वाले युवाओं को निशाना बनाया है। ‘ याऊं- याऊंझ् के सौदागर फेसबुक प्रोफ ाइल पर ऐसे युवाओं को तलाशते हैं, जो पार्टी या क्लब में जाना पसंद करते हैं। उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर पहले दोस्ती गांठते हैं, फिर धीरे-धीरे पहचान बढ़ाकर उन्हें एमडी ड्रग की तरफ आकर्षित करते हैं।

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