Crime News : बिलाबॉग केस में ड्राइवर और केयर टेकर दोषी करार

MP Crime News : बिलाबांग स्कूल में साढ़े 3 साल की मासूम से स्कूल बस में हुए रेप के मामले में बच्चियों के बयानों को ही कोर्ट ने मुख्य आधार माना। कोर्ट ने आरोपी ड्राइवर हनुमत जाटव और केयर टेकर उर्मिला को दोषी करार दिया।

  • सोमवार को सुनाई जाएगी सजा, बच्चियों के बयानों को आधार मानकर सुनाई सजा

MP Crime News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बिलाबांग स्कूल में साढ़े तीन साल की मासूम से स्कू ल बस में हुए रेप के बहुचर्चित मामले में बच्चियों के बयानों को ही कोर्ट ने मुख्य आधार माना। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी ड्राइवर हनुमत जाटव और केयर टेकर उर्मिला साहू को दोषी करार दिया है।

मामले में जांच टीम एक भी भौतिक साक्ष्य पेश नहीं कर पाई। जिसके बाद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। तीन महीने पहले हुई वारदात की सुनवाई शनिवार को हुई। सजा सोमवार को सुनाई जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में सिर्फ 3 महीने में सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है।

कोई सबूत नहीं मिला एसआईटी को

जानकारी के अनुसार इस मामले में कोई चश्मदीद नहीं था। बस में सीसीटीवी का एचडी कार्ड नहीं मिला और एफएसल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट नेगेटिव आई। रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रिपोर्ट में बच्ची के कपड़े में मानव शुक्राणु पाया गया, लेकिन वो कम मात्रा में था और जांच के लिए पर्याप्त नहीं था।

इस कारण रिपोर्ट में फिक्स्ड ओपिनियन नहीं आया। ऐसे में रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी कि बच्ची के कपड़े पर जो स्पर्म पाया गया, वह हनुमत जाटव का ही है। बावजूद मामले में गठित एसआईटी ने सबूत जुटाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन एक भी सबूत नहीं मिला। ऐसे में सरकारी वकील ने बच्चियों के बयान सतर्कता और बुद्धिमत्ता से कराए। इसे कोर्ट ने विश्वसनीय मानते हुए आरोपियों को दोषी माना। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी माना गया।

मनीषा बताती हैं कि बचाव पक्ष ने कई दलीलें दीं, लेकिन वह टिक नहीं सके। उल्लेखनीय है कि घटना 3 महीने पुरानी है। बच्ची भोपाल के नीलबड़ इलाके के प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है। स्कूल बस के ड्राइवर ने बस में ही बच्ची के साथ रेप किया था। 8 सितंबर को जब बच्ची घर लौटी, तो उसके कपड़े बदले हुए थे। ये देख मां हैरान हुई।

बाद में उन्हें बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स पर खरोंच के निशान भी नजर आए। शक हुआ तो बच्ची से पूछा कि आपको कोई बैड टच करता है। इस पर बच्ची ने बताया था कि बस के ड्राइवर अंकल गंदे हैं, वे बैड टच करते हैं। तब फरियादी ने थाने पहुंचकर प्रकरण दर्ज कराया था।

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