MP Breaking News : पर्यटन के बार-आउटलेट पर बिकेगी हेरिटेज मदिरा

MP Breaking : हेरिटेज मदिरा उत्पादन, भंडारण और बिक्री के लिए सरकार ने नये नियम बना दिए है। महुए के फूलों से हेरिटेज मदिरा का निर्माण किया जाएगा और इनकी बिक्री डिस्टलरी के आउटलेट, एमपी टूरिज्म के बार और आउटलेट के जरिए की जाएगी।

MP Breaking : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. मध्यप्रदेश में हेरिटेज मदिरा उत्पादन, भंडारण और बिक्री के लिए सरकार ने नये नियम बना दिए है। महुए के फूलों से हेरिटेज मदिरा का निर्माण किया जाएगा और इनकी बिक्री डिस्टलरी के आउटलेट, एमपी टूरिज्म के बार और आउटलेट के जरिए की जाएगी।

वाणिज्यिक कर विभाग ने राज्य में मध्यप्रदेश हेरिटेज मदिरा के नियम बनाकर प्रकाशित कर दिए है। इन पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई है। एक माह बाद इन्हें प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। फिलहाल मध्यप्रदेश में अलीराजपुर और डिंडौरी में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हेरिटेज मदिरा की बिक्री होगी। इसके बाद इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

इन नियमों में हेरिटेज मदिरा निर्माण, निर्यात, परिवहन, मिश्रण, सम्मिश्रण, बोतल भरने, बोतलों पर लेबल चिपकाऐ जाने से लेकर बिक्री तक के प्रावधान तय कर दिए गए है। हेरिटेज मदिरा निर्माण और उसका व्यवसाय करने के लिए स्वसहायता समूहों को कलेक्टर को आवेदन करना होगा। स्वसहायता समूहों को ही हेरिटेज मदिरा निर्माण के लिए लाइसेंस लेने की पात्रता रहेगी।

कलेक्टर स्वयं की अध्यक्षता वाली समिति जिसमें सीईओ जिला पंचायत, सहायक आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिले के अग्रणी बैक शामिल होंगे वे इन प्रस्तावोें की जांच पड़ताल और परीक्षण कर अनुमति देंगे।

इकाई को एफएसएसएआई का पंजीयन प्रमाणपत्र लेना होगा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल का अनापत्ति प्रमाणपत्र और विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र , अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, बायलर सुरक्षा प्रमाणपत्र और स्थानीय निकाय की अनापत्ति भी लेना होगा। हेरिटेज मदिरा निर्माण की इकाई को उसकी क्षमता में अधिकतम दो हजार लीटर की वृद्ध् िकी अनुमति दी जा सकेगी। महुआ के फूल से हेरिटेज शराब बनेगी। इसमें प्राकृतिक रंग, सुगंधित अथवा कैरेमल प्राकृतिक रंंग मिलाकर शराब तैयार की जाएगी।

महुए के फूल में आद्रता का प्रतिशत, शक्कर की मात्रा, गंध, स्वाद और सुगंध तलछट के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भी बनाना होगा। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण या भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित लैब में इसका नमूना भेजकर उसे बैच प्रदाय किया जाएगा। लाइसेंसी को इसके स्वच्छतापूर्ण एवं स्वास्थ्यकर रुप में भंडारण की व्यवस्था करना होगा। हेरिटेज मदिरा फैक्ट्री आउटलेट लाइसेंस के लिए एचएल एक क के लिए लाइसेंस शुल्क भी तय किया गया है।

यहां होगी बिक्री

निर्माता इकाई के आउटलेट में स्वाद लेने और विक्रय के लिए आउटलेट खोलने की अनुमति दी जाएगी। निर्माता इकाई अपनी स्वयं की दुकान, फ्रेंचाइजी और विपणन भागीदारी की दुकानों के माध्यम से हेरिटेज मदिरा के फुटकर विक्रय के लिए कलेक्टर से अनुमति ले सकेगी। पर्यटन निगम के बार और आउटलेट पर अनुमति के बाद ही बेची जा सकेगी। देशी-विदेशी मदिरा की दुकानों पर राज्य सरकार की अनुमति के बिना इनकी बिक्री नहीं होगी।

इस तरह बोतल बंद होगी

हेरिटेज मदिरा 750 मिलीलीटर, 375 मिलीलीटर, 180 मिलीलीटर तथा 90 मिलीलीटर की क्षमता वाली कांच की बोतलों में बोतल बंद की जाएंगी। इसके लेवल पर अल्कोहल की तीव्रता में एक प्रतिशत तक अंतर की गुंजाइश की अनुमति होगी। प्रत्येक बोतल पर एक्साईज एडेसिव लेबल , होलोग्राम चस्पा किया जाएगा।

लेबल पर हेरिटेज महुआ मदिरा मध्यप्रदेश, निर्माण की तारीख माह तथा वर्ष, स्वसहायता समूह का नाम, बैच नंबर, इकाई का नाम, स्थान, क्षेत्र का नाम, न्यूनतम तथा अधिकतम फुटकर मूल्य , रजिस्ट्री क्रमांक, मदिारा का उपभोक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, शराब पीकर वाहन न चलाएं। अलकोहल की मात्रा, कुल मात्रा लीटर में, भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का रजिस्ट्रीकरण क्रमांक अंकित करना होगा।

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