MP Election 2023 : भाजपा का फोकस सोशल मीडिया, मंत्री बढ़ाएंगे अपने फॉलोअर्स

MP Assembly Election 2023 : आगामी विधानसभा चुनावों के पहले शिवराज सरकार के मंत्रियों और विधायकों से कहा गया है कि वे अपने सोशल मीडिया फालोवर बढ़ाएं।

MP Assembly Election 2023 : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. देश-दुनिया में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के पहले शिवराज सरकार के मंत्रियों और विधायकों से कहा गया है कि वे अपने सोशल मीडिया फालोवर बढ़ाएं। सरकारें बदलने में सोशल मीडिया की ताकत को देखते हुए शिवराज कैबिनेट के मंत्रियों से तो यहां तक कहा गया है कि उनके क्षेत्र में जितने वोटर हों, उसके कम से कम पांच प्रतिशत मंत्री को फालो करने चाहिए। इसके लिए सरकार मंत्रियों को सोशल मीडिया की टीम तक उपलब्ध करा रही है।

शिवराज सरकार ने सभी मंत्रियों को ताकीद किया है कि वे सोशल मीडिया पर अपने फालोवर बढ़ाएं। यह फालोवर प्रदेश स्तर पर होने के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी सक्रिय रूप में दिखने चाहिए। इस बीच सरकार का मंत्रियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि अभी भी सात फीसदी मंत्री सोशल मीडिया पर अपने फालोवर नहीं बढ़ा पाए हैं। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों के साथ अब विधायकों को भी सोशल मीडिया पर अधिकतम एक्टिव रहने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री सचिवालय के सूत्रों के अनुसार सभी मंत्रियों से सोशल मीडिया में अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसके लिए सरकार ने मंत्रियों को संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं और कहा है कि जितने वोटर मंत्री के चुनाव क्षेत्र में हैं, उसका पांच फीसदी वोटर मंत्री का फालोवर होने चाहिए।

इसके बाद सभी मंत्रियों के सोशल मीडिया अकाउंट (विभिन्न सोशल मीडिया प्लेकटफॉर्म ट्विटर, फेसबुक, कू, इंस्टाग्राम आदि) तेजी से क्रियाशील किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक शिवराज कैबिनेट के 93 प्रतिशत मंत्रियों के सोशल मीडिया फॉलोवर्स की संख्या उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के 5 प्रतिशत से अधिक है।

बाकी के क्षेत्र में उनकी सोशल मीडिया में उपस्थिति सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के चलते मंत्रियों के फालोवर बढ़ाने जिला और विकासखंड स्तर पर 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया ओरिएंटेशन प्रदान किया गया है।

सभी मंत्रियों के सोशल मीडिया अकांउट के संचालन में सहयोग हेतु सोशल मीडिया एनालिस्ट की नियुक्ति की गयी है। साथ ही सभी विभागों, जिलों में मंत्री, विधायकों के द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग का मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार कर ट्रेकिंग प्रारंभ कर दी गई है।

प्रदेश संगठन भी कर चुका है ताकीद

सोशल मीडिया पर मंत्रियों को फालोवर्स बढ़ाने के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारी भी कई बार कह चुके हैं। प्रदेश प्रभारी मुरली धर राव ने दो माह पहले भी इसको लेकर मंत्रियों को निर्देश दिए था। इस माह चार दिन पहले हुई मंत्रियों की बैठक में भी सोशल मीडिया पर मंत्रियों के फालोवर बढ़ाने के लिए कहा गया है।

विधायकों को भी सोशल मीडिया पर दिखाना होगा अपना परफार्मेंस

मुख्यमंत्री शिवराज ने पिछले दिनों बीजेपी विधायकों के साथ किए गए वन टू वन में सबसे अधिक फोकस सोशल मीडिया पर एक्टिव होने पर दिया है। कमोवेश सभी विधायकों से कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर अपनी ताकत बढ़ाएं, इसके लिए जो साधन संसाधन जरूरी हो, वे इसकी जानकारी दें।

सरकार सुविधा दिलाएगी। सोशल मीडिया में सरकार के काम बताएं और सरकार द्वारा उनके क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों को मीडिया के जरिये पहुंचाएं। अगले छह माह तक इसमें तेजी से काम करने के लिए सभी विधायकों को कहा गया है।

मंत्रियों, विधायकों से कहा, ऐसे बढ़ाएं फालोवर

सभी मंत्रियों और विधायकों से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर अपने फालोवर बढ़ाने के लिए वे क्षेत्र में दौरे करने के दौरान फिक्स कार्यक्रमों के अलावा अचानक गरीबों, अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के परिवारों की बस्तियों में पहुंचें।

वहां सरकार के विकास कार्यों का निरीक्षण कर कमियों के बारे में जानकारी लें और कमियों का तत्काल निराकरण कराएं। लोगों से कहें कि किसी तरह की दिक्कत है और सीधे संवाद नहीं हो पा रहा है तो सोशल मीडिया के जरिये बात उन तक पहुंचाएं ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके। इससे लोगों में मंत्रियों, विधायकों के कामकाज को लेकर भरोसा बढ़ेगा।

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