MP News : अब भू-अधिकार पुस्तिका में समग्र आईडी और फोटो जल्द ही होंगे अनिवार्य

Latest MP News : भूमिस्वामी की पहचान मजबूत करने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों के लिए ईकेवाईसी कराने के आधार पर पुस्तिका में फिलहाल यह व्यवस्था आप्शन के तौर पर रखी गई है।

Latest MP News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. प्रदेश में भूमि स्वामी के अधिकार बताने वाली भू-अधिकार पुस्तिका (ऋण पुस्तिका) में अब समग्र आईडी और फोटो जल्द ही अनिवार्य किए जा सकते हैं। भूमिस्वामी की पहचान मजबूत करने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों के लिए ईकेवाईसी कराने के आधार पर पुस्तिका में फिलहाल यह व्यवस्था आप्शन के तौर पर रखी गई है।

इस व्यवस्था के बाद जिन किसानों का ईकेवाईसी हो चुका है उनकी पुस्तिका में पहले पेज पर संबंधित भूमिस्वामी की समग्र आईडी के साथ भूमिस्वामी का फोटो भी रहेगा। यदि भूमिस्वामी निजी संस्था है, तो भू-अधिकार पुस्तिका पर समग्र आईडी एवं फोटो की आवश्यकता नहीं होगी।

किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग द्वारा जारी निर्देश में ये बातें कही गई हैं। राजस्व विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली इस व्यवस्था में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित किसान का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध है तो उसे भू-अधिकार पर किसान से सत्यापित कराया जाकर प्रिंट कराया जाएगा।

यदि किसान का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं है या वह भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध फोटो से संतुष्ट नहीं है तो संबंधित किसान के आधार ईकेवायसी के माध्यम से उसे प्राप्त किया जाएगा। इस फोटो को संबंधित पटवारी से सत्यापित भी कराया जाएगा। यदि किसान के पास आधार नंबर नहीं है या वह आधार नंबर नहीं दे रहा है तो ऐसी स्थिति में किसान का फोटो आॅनलाइन आवेदन करते समय लिया जाएगा और पटवारी से सत्यापित कराया जाएगा।

पटवारी को फोटो 3 कार्य दिवस में सत्यापित करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में पटवारी द्वारा किसान के फोटो को सत्यापित अथवा अमान्य नहीं किया जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि आधार ईकेवायसी से मिला या किसान द्वारा दिया गया फोटो फोटो सही है और उसे भू अधिकार पुस्तिका जारी की जाएगी।

कम्प्यूटरीकृत भू अधिकार पुस्तिका पहली बार मिलेगी फ्री

इसको लेकर दिए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पूर्व में जारी भू अधिकार पुस्तिका यथावत प्रचलन में रहेगी लेकिन अब नई भू-अधिकार पुस्तिका कम्प्यूटरीकृत रूप में ही जारी होगी। भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पेज के लिए 30 रुपए एवं अतिरिक्त प्रति पेज के लिए15 रुपए शुल्क निर्धारित है। भू-अधिकार पुस्तिका न्यूनतम दो पेज की होगी। इस प्रकार दो पेज की भू-अधिकार पुस्तिका की कीमत 45 रुपए होगी। अतिरिक पेज जोड़े जाने पर प्रति पेज15 रुपये देय होगा।

मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता नियम 2020 के प्रावधान अनुसार भू-सर्वेक्षण उपरांत पहली बार भू-अधिकार पुस्तिका संबंधित भूमिस्वामी को नि:शुल्क दी जाएगी। नि:शुल्क दी जाने वाली भू-अधिकार पुस्तिका जारी करने के लिए तहसीलदार को भूलेख पोर्टल पर लॉगिन कर अपने लॉगिन से भू-अधिकार पुस्तिका का प्रिंट जारी करने का अधिकार होगा।

भू अधिकार योजना: सरकार से जमीन पाने करना होगा ऑनलाइन आवेदन

राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में आबादी क्षेत्र की भूमि पर पात्र परिवारों को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में जमीन चाहने के इच्छुक आवेदक को मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के तहत आवासीय भू-खण्ड प्राप्त करने के लिए ऑनलाईन सारा पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा।

योजना में मिले आवेदन तथा स्वीकृत प्रकरणों की ऑनलाईन मॉनीटरिंग एवं कार्य की प्रगति की समीक्षा प्रमुख राजस्व आयुक्त द्वारा की जाएगी। सारा पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की सूची तहसीलदार आईडी से देखी जा सकती है। योजना में ऐसे आवेदक परिवार जिनके पास स्वतंत्र रूप से रहने के लिए आवास हैं तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इसके अतिरिक्त आवेदक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए पात्रता पर्ची धारित नहीं करता है। आवेदक परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है या आवेदक परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में है तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

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