जिला पंचायत चुनाव में 1-1 से बराबरी पर भाजपा-कांग्रेस, 8 को होगा फाइनल

भोपाल

जिला पंचायत चुनाव के पहले और दूसरे चरण की वोटिंग और मतदान स्थल पर हुई मतगणना के बाद जो रुझान सामने आए हैं, उसमें अब भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के जीतने की संख्या कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों से ज्यादा हो गई है।  हालांकि दोनों ही दलों के कई दिग्गज नेताओं के सामने हार की स्थिति बनी। चुनाव परिणाम तीनों चरण की वोटिंग के बाद होने वाले टेबुलेशन के बाद घोषित किए जाएंगे, लेकिन प्रत्याशियों को पंचायतों में मिले वोट के आधार पर उन्हें अपनी हार-जीत की जानकारी हो गई है।

पंचायत चुनाव में विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम चुनाव हार गए हैं। सतना जिले में पूर्व मंत्री जुगुल बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी, बहू वंदना बागरी भी चुनाव हार गई हैं।  रीवा में ही विधायक पंचूलाल प्रजापति की पत्नी और पूर्व विधायक पन्नाबाई प्रजापति भी चुनाव हार गई हैं।  बड़वानी से कांग्रेस विधायक ग्यारसीलाल रावत की पत्नी लता देवी और राकेश रावत दोनों चुनाव हार गए हैं। लता देवी जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। धार जिले से कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके और अब भाजपा में शामिल दिनेश ग्रेवाल के भी जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में रुझानों में हार की स्थिति बताई जा रही है। मंत्री विजय शाह और कांग्रेस नेता अजय शाह की बहन रानू शाह नरसिंहपुर जिला पंचायत के चुनाव में हार गई हैं। हालांकि विजय शाह का बेटा दिव्यादित्य खंडवा से जीत गए हैं। खंडवा से भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सखाराम यादव चुनाव जीत गए हैं। गुढ विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे प्रणव सिंह चुनाव जीत गए हैं। भाजपा महिला मोर्चा रीवा की जिला अध्यक्ष संतोष सिंह सिसोदिया जनपद सदस्य का चुनाव हार गई। छिंदवाड़ा में कांग्रेस नेता सैयद जाफर चुनाव हार गए। गुना जिले के भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक ममता मीणा रुझानों में आगे चल रही है। वहीं मंत्री रामखेलावन के भाई विजय पटेल की पत्नी तारा पटेल सतना जिले में जीत गई है। रीवा में जिला पंचायत की उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता विभा पटेल चुनाव हार गई हैं। बालाघाट से भाजपा के राजन नीरे चुनाव जीत गए हैं।

विधायक की बेटी हारी
विदिशा जिल के शमशाबाद से भाजपा विधायक राजश्री सिंह एवं पूर्व विधायक रुद्र प्रताप सिंह की बेटी यशोधरा सिंह जिला पंचायत का चुनाव हार गई। वही छतरसिंह दरबार की बहू सविता दरबार धार से जीत गई हैं।  तीसरे चरण में दोनों ही दलों ने अपने समर्थित उम्मीदवारों को लेकर अब पूरी ताकत लगाने की तैयारी कर ली है। तीसरे चरण अब इन चुनाव में निर्णायक माना जा रहा है।

कांग्रेस के पास है सूची तो जारी करे: मंत्री नरोत्तम
इधर कांग्रेस लगातार दावा कर रही है कि वह पहले और दूसरे चरण के मतदान में वह जिला पंचायत के चुनाव में सत्ताधारी दल के समर्थित उम्मीदवारों से आगे हैं। वहीं इस पर प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा है कि यदि कांग्रेस का दावा सही है तो वह अपने जीतने वाले जिला पंचायत सदस्यों की सूची जारी कर दें। कांग्रेस हमेशा भ्रम फैलाती है। भाजपा हर जिले में बढ़त बनाए हुए हैं।

दूसरे चरण में भाजपा ने मारी बाजी
अब तक दो चरणों के सामने आए रुझानों में अब भाजपा आगे बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।  इसमें पहले चरण में जिन जिलों में मतदान हुआ उनसे से अधिकांश जिलों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने अधिक संख्या में जीत दर्ज की थी। इस हार के बाद भाजपा ने रणनीति बनाते हुए अपने समर्थित उम्मीदवारों को मजबूती दी और इस चरण में उन्होंने भ बढ़त बना ली है। दोनों चरणों में हुए मतदान के बाद अब दोनों ही दलों की नजर तीसरे चरण के मतदान पर लग गई है। जो 8 जुलाई को होना है। गौरतलब है कि पहले चरण में प्रदेश के सभी 52 जिलों के 115 विकासखंडों में चुनाव हुए थे, जबकि दूसरे चरण में 106 विकासखंडों के जिला पंचायतों के वार्ड में चुनाव हुए। तीसरे और अंतिम चरण में प्रदेश के 39 जिलों के 92 विकासखंड के वार्डो में मतदान होगा।

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