जम्बूरी मैदान पहुंचे विभिन्न जिलों के नागरिकों को सरकार से अपेक्षा

भोपाल
सरकार के बुलावे पर राजधानी के जम्बूरी मैदान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभा में शामिल होने आए ग्रामीण को सरकार के अपेक्षा है कि जिस वन भूमि पर वे खेती करते व घर बनाकर रहे हैं और किन्हीं कारणों से उन्हें जमीन छोड़नी पड़ी है, वह भूमि सरकार उन्हें वापस दिलाए। पुरखों की इस भूमि से उन्हें संवेदनात्मक लगाव है। शिवराज सरकार लोगों के जीवन स्तर में सुधार को लेकर कोशिश कर रही है और यह अपेक्षा है कि जो आवश्यक संसाधन चाहिए वह सरकार दिलाएगी। ये बातें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए ग्रामीणों ने जम्बूरी मैदान में कहीं।

श्योपुर जिले के हलगावड़ा खुर्द निवासी गिरधारी बैरवा ने कहा कि वन विभाग की जमीन पर खेती करने वाले सैकड़ों परिवार हैं जिन्हें कराहल, बड़ोदिया आदि क्षेत्रों से वन अमले के कारण विस्थापित होना पड़ा है। ये सभी राजस्व की जमीन पर घर बनाकर रहते थे। हालातों के चलते उन्हें वन क्षेत्र में शिफ्ट होना पड़ा है। ऐसे में सरकार से अपेक्षा है कि सरकार वन क्षेत्र की जमीन दिलाने के साथ राजस्व की वह भूमि भी दिलाए जिसमें वे रहते थे। यह पुरखों से जुड़ी भूमि है। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर खेती का वनाधिकार पट्टा दिया जाए।

नहीं मिल रहा घोषणाओं का लाभ
रतलाम जिले के तम्बोरा गांव से आए अम्बाराम ने कहा कि आदिवासियों के हित में जो घोषणाएं हुई हैं, उसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिस जमीन पर पिछले 15 से 20 साल से वे तेंदूपत्ता तोड़ने का काम कर रहे हैं, उसकी उपज कम है। इसकी वजह पानी की कमी है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

रेत-सीमेंट महंगी, नहीं बना पा रहे घर
बालाघाट जिले की लांजी तहसील से आए दिलीप बिसेन का कहना है कि गांव में सरकार ने पीएम आवास योजना शुरू की है लेकिन इसमें पैसा कम मिल रहा है। रेत, लोहे के रेट ज्यादा हैं, इस कारण मकान नहीं बन पा रहे हैं। गांवों में बिजली गुल रहने की समस्या भी है। दो से तीन दिन तक लाइट नहीं आती है। रोजगार की भी दिक्कत है। तेंदूपत्ता बोनस के लिए यहां बुलाया गया है। आने के बाद अभी भोजन और अन्य इंतजाम का इंतजार है।

सरकार ने की उचित व्यवस्था
मंदसौर जिले के गरोठ तहसील के लसूड़िया से आए प्रहलाद पाटीदार ने कहा कि वे वन समिति की तेंदूपत्ता सोसायटी से जुड़े हैं। सरकार तेंदूपत्ता का बोनस दे रही है लेकिन अभी भी वनवासी आदिवासी का जीवन कठिनाइयों और संघर्षों से भरा है। सरकार से सुविधाओं की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि यहां आने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। रास्ते में खाने का इंतजाम था। सभास्थल पर भी सरकार की सुविधाएं गर्मी के मौसम के हिसाब से बेहतर हैं।

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