सीएम राइज स्कूलों को भी बनाया मतदान केंद्र, चुनाव में लगे टीचर्स, पढ़ाई के साथ अटके एडमिशन

भोपाल
प्रदेश में इन दिनों पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रि या चल रही है। राजधानी के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। इसके कारण स्कूलों में ना तो शिक्षक मिल रहे हैं और ना ही प्राचार्य उपलब्ध हैं।

इससे स्कूलों में प्रवेश प्रक्रि या भी प्रभावित हो रही है। स्कूलों में गुरु वार 30 जून तक प्रवेश प्रक्रि या पूरी होनी थी, लेकिन शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी के कारण कई स्कूलों में यह अटक गई। बता दें कि राजधानी में करीब साढ़े पांच हजार शिक्षक हैं। इनमें से अधिकांश की चुनाव में ड्यूटी लगाई है, लेकिन इसके पहले विभाग द्वारा कहा गया था कि ड्यूटी ऐसी लगाई जाएगी कि जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।

साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रिश्म अरुण शमी ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखा था कि सीएम राइज स्कूलों को मतदान केंद्र नहीं बनाया जाए और इन स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाए, लेकिन सभी सीएम राइज स्कूलों को मतदान केंद्र बना दिया गया। इन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई। इतना ही नहीं, राजधानी में ही शिक्षकों की ड्यूटी लगाने में भारी विसंगति सामने आने लगी है। फंदा संकुल केंद्र की प्राथमिक शाला में सहायक अध्यापक राजू यादव सौ फीसदी दिव्यांग है। उनकी ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई।

उन्हें पी-1 अधिकारी बनाया गया है। कोलूखेड़ी माध्यमिक शाला समेत कई स्कूल ऐसे है जिनके सभी शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी है। जिससे स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है। चुनाव संपन्न होने तक इन स्कूलों में ताले ही नहीं खुलेंगे। वहीं शासकीय माध्यमिक शाला कोलूखेड़ी में पदस्थ दोनों शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई। जिससे बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई है।

उत्कृष्ट विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित
सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य से लेकर शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। इस कारण गुरु वार को काफी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। चुनाव में प्राचार्य सहित शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से पढ़ाई नहीं हो पा रही है।

छात्र और अभिभावक करेंगे जागरुक
साइबर क्र ाइम से निपटने के लिए भोपाल पुलिस ने नागरिकों एवं स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के जरिए सुरक्षा जागरु कता मुहिम शुरू करने का फैसला लिया है। साइबर क्र ाइम भोपाल यूनिट ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता के लिए पोस्टर एवं स्लोगन बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया है। प्रतियोगिता दो श्रेणी में आयोजित की जा रही है। पहली श्रेणी में 12 वर्ष से 16 वर्ष तक के स्कूल विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं उन्हें अपने अभिभावकों के साथ मिलकर साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए जागरूकता संदेश नारे एवं पोस्टर तैयार करने होंगे। दूसरी कैटेगरी में कॉलेज में पढ़ने वाले 16 वर्ष से 20 वर्ष तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा, इन्हें भी नारा एवं पोस्टर बनाकर साइबर क्र ाइम ब्रांच में जमा करने होंगे। सर्वश्रेष्ठ नारा लेखन एवं पोस्टर बनाने वाले विद्यार्थियों एवं उनके परजिनों को सार्वजनिक आयोजन कर नगद पुरस्कार सिर्टिफकेट एवं ट्राफी से सम्मानित किया जाएगा।

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