CM शिवराज : व्यापमं के विवादों से मुक्ति के लिए बनेगा पुलिस भर्ती बोर्ड

भोपाल
पुलिस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा अब व्यापमं (पीईबी) से मुक्त हो सकती है। जल्द ही इस संबंध में पुलिस मुख्यालय से प्रस्ताव तैयार होकर राज्य शासन को भेजा जाना है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक घोषणा के बाद बनाया जा रहा है। व्यापमं की जगह पर अब पुलिस आरक्षक और उपनिरीक्षकों की भर्ती परीक्षा पुलिस भर्ती बोर्ड के जरिए करवाये जाने की पहल शुरू हो चुकी है।

पुलिस आरक्षक और पुलिस उपनिरीक्षक की व्यापमं द्वारा आयोजित हर परीक्षा विवादों में आ जाती है। कई बार सरकार भी इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों से घिर जाती है। अब राज्य शासन व्यापमं से पुलिस भर्ती की परीक्षा आयोजित करवाने की जगह पर अपने बार्ड से यह परीक्षा आयोजित करवाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। दरअसल हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गृह विभाग की समीक्षा में कहा था कि पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जाए।

राज्यों के गृह मंत्रालय से संपर्क
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय के अफसर पुलिस भर्ती बोर्ड के नियम और अधिकार जानने के प्रयास में जुट गए हैं। देश के कई प्रांतों में पुलिस भर्ती बोर्ड के जरिए ही पुलिस आरक्षक और उपनिरीक्षकों की परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के पुलिस मुख्यालयों और गृह विभाग से संपर्क कर वहां के बोर्ड के नियम और अधिकारों की जानकारी ली जाएगी।

इस साल होनी है पांच हजार आरक्षकों की भर्ती
पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने के लिए सरकार को विधानसभा में विधेयक लाना होगा। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार इस बोर्ड को जल्द बनाने की तैयारी में हैं, ताकि इस साल पांच हजार पुलिस आरक्षकों की भर्ती पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा के जरिए हो सके। इसलिए सरकार विधानसभा के अगले सत्र में इस संबंध में विधेयक ला सकती है।

इस बार भी दिए गए हैं जांच के आदेश
बताया जाता है व्यापमं ने पुलिस भर्ती की पहली परीक्षा जुलाई 2012 में आयोजित की थी। तब से लेकर अब तक आरक्षक और उपनिरीक्षकों की कई लिखित परीक्षा व्यापमं आयोजित कर चुका है। इन परीक्षाओं में से अधिकांश परीक्षाओं को लेकर विवाद उठा, जिस पर कई बार सरकार को भी बेकफुट पर आना पड़ा। इस बार की परीक्षा भी विवादों में है। प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के एक के बाद एक नए मामले सामने आने के बाद सरकार ने सक्रियता दिखाई है। राज्य सरकार ने इस परीक्षा की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पिछले मंगलवार को इसकी घोषणा की।

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