कलेक्टर ने गूगल मीट से की जनसेवा अभियान की समीक्षा

जनसेवा अभियान में प्राप्त सभी आवेदन पोर्टल में दर्ज करें – कलेक्टर

रीवा
कलेक्टर मनोज पुष्प तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने गूगल मीट के माध्यम से मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि अभियान के दौरान लगाए गए शिविरों में आमजनता से प्राप्त सभी आवेदन पत्र पोर्टल पर दर्ज कर इनका समुचित निराकरण करें। नगर पंचायत हनुमना एवं सिरमौर में बहुत कम आवेदन दर्ज हुए हैं। जनसेवा अभियान में शामिल 33 योजनाओं के जिला स्तरीय अधिकारी, विकासखण्ड तथा जिला स्तर पर अभियान के नोडल अधिकारियों से संपर्क करके सभी आवेदन पत्र दर्ज कराएं। सितम्बर माह में बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरण निराकृत किए गए हैं। इनकी जानकारी भी पोर्टल में दर्ज नहीं है। सभी तहसीलदार नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी आवेदन पोर्टल में दर्ज करें।
    
कलेक्टर ने कहा कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आवेदन पत्रों के पोर्टल में दर्ज होने की विभागवार तथा विकासखण्डवार समीक्षा करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों तथा संबंधित एसडीएम को नोटिस देकर कार्यवाही करें। किसी भी विभाग का यदि एक भी आवेदन पोर्टल में दर्ज करने से शेष बचेगा तो कार्यवाही की जाएगी। अपर कलेक्टर गत माह जाति प्रमाण पत्र तथा उज्ज्वला योजना के शत-प्रतिशत आवेदन पोर्टल में दर्ज कराएं। इसकी प्रगति संतोषजनक नहीं है। उज्ज्वला योजना में स्वीकृत गैस कनेक्शनों की सूची विकासखण्डवार उपलब्ध कराकर उसे दर्ज करें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 8 अक्टूबर से मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इसमें शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया जाएगा। सांसदगण, विधायकगणों, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों तथा अन्य पंचायत पदाधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इन शिविरों में अनिवार्य रूप से आमंत्रित करें। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही हितलाभ का वितरण कराएं।
    
गूगल मीट में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि सहकारिता, मछली पालन विभाग, पशुपालन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा नाममात्र के आवेदन ऑनलाइन दर्ज किए गए हैं। शिविरों में प्राप्त आवेदनों को आज ही ऑनलाइन दर्ज कराएं। गूगल मीट में आयुक्त नगर निगम मृणाल मीणा, सभी एसडीएम, जनपद के सीईओ, नगर परिषदों के सीएमओ तथा अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

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