समय पर सहकारी संस्थाओं की नगदी और सम्पत्तियों का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाने से सहकारिता आयुक्त नाराज

 भोपाल। प्रदेश की सहकारी संस्थाओं में नगदी और अन्य सम्पत्तियों के भौतिक सत्यापन की कार्यवाही समय पर नहीं हो पाने से संस्थाओं के लाभ-हानि की वास्तविक स्थिति प्रदर्शित नहीं हो पा रही है वहीं दूसरी ओर अमानत में खयानत करने तथा संस्था की सम्पत्ति को हानि पहुंचाने के लिए उत्तरदायी संस्था कर्मचारियों पर समयसीमा में कार्यवाही नहीं हो पा रही है। मैदानी अफसरों की इस लेटलतीफी पर सहकारिता आयुक्त संजय गुप्ता ने नाराजगी जताई है और सभी जिलों के अधिकारियों को सहकारी संस्थाओं की नगदी और सम्पत्ति का तत्काल भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए है।

 सहकारिता आयुक्त के ध्यान में यह जानकारी आई है कि समय पर सहकारी संस्थाओं की नगदी और सम्पत्तियों का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाने से संस्था की सम्पत्ति को हानि पहुंचाने के लिए उत्तरदायी संस्था कर्मचारियों को पहचान पाना मुश्किल हो रहा है और उनके विरुद्ध कार्यवाही भी समय पर नहीं हो पा रही है।

सभी संयुक्त आयुक्त और उप आयुक्त अंकेक्षण सहकारिता को कहा गया है कि सत्यापन के कार्य का कड़ाई से पालन किया जाए।  भौतिक सत्यापन के लिए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सत्यापन कार्य में कार्यपालिक कर्मचारियों के साथ लिपिकीय कर्मचारियों को भी संलग्न किया जाए जिसेस कम समय में अधिकाधित संस्थाओं का भौतिक सत्यापन सम्पन्न हो सके।

औचक निरीक्षण के निर्देश
जिला अधिकारियों को कहा गया है कि वे इस काम का औचक निरीक्षण भी करें जिसमें प्रत्येक अंकेक्षक तथा प्रत्येक वर्ग की संस्थाएं सम्मिलित हो ऐास कार्यक्रम निर्धारित कर मुख्यालय को भी अवगत कराएं। भौतिक सत्यापन की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में भेजी जाए वर्ना कार्यालय में प्रतिवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। कमियों के संबंध में वित्तीय पत्रकों में उचित लेखांकन होने की स्थिति में ही निर्गमन किया जाएगा।

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