खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर बिस्किट बेचने पर अदालत ने सुनाई सजा

खंडवा
 बिस्किट का पैकेट एक रुपए मंहगे दाम पर बेचने वाले को अदालत ने तीन हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मोहन डावर की न्यायालय ने आरोपी महेन्द्र कुलकर्णी निवासी रिलायंस टॉवर के पास सर्वोदय नगर खंडवा को विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 18 (1) सहपठित विधिक माप विज्ञान (पैकेज वस्तुएं) नियम 2011 नियम 18-2 के अधिनियम 36 (1) एवं नियम 32 के अंतर्गत तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भुरालाल वास्कले ने किया।

टिकट लेकर दी दबिश
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मो. जाहिद खान सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता भारत भूषण, निरीक्षक नापतौल विधिक माप विज्ञान खंडवा को 12 जुलाई 2011 को रेलवे स्टेशन खंडवा जंक्शन पर अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर पैकेज वस्तुओं के विक्रय होने संबंधी कई माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के आधार पर निरीक्षक भारत भूषण ने सहयोगीयों के साथ प्लेटफार्म के चार टिकट खरदे और आकस्मिक निरीक्षण किया।

हस्ताक्षर कर दिया नोट
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक व दो के बीच संचालित कपूर एंड पीआर महंत के सेल्समेन महेन्द्र कुलकर्णी पिता कृष्णराव कुलकर्णी (32) से 20 रुपए का एक नोट स्वयं का हस्ताक्षरित देकर एक पैकेट बिस्किट खरीदा। जिस पर अंकित अधिकतम खुदरा विक्रय मूल्य रुपए 14 से अधिक मूल्य 15 रुपए में उपस्थित व्यक्ति को सेल्समेन ने बेच कर 20 रुपए में शेष राशि 5 रुपए का पीला सिक्का वापस दिया।

जब्त कर लिया 20 का नोट
बिस्किट का पैकेट खरीदने के बाद स्वयं हस्ताक्षरित नोट सेल्समेन से बरामद किया। साथ ही विधिक माप विज्ञान अधिनियम 18 (1) / 36- सहपठित विधिक माप विज्ञान (पैकेज वस्तुएं) नियम 2011 के नियम 18 (2)/36(2) के अंतर्गत उल्लंघनीय होने से उक्त अपराध में प्रकरण पंजीबद्ध किया। जिसके बाद आवश्यक अनुसंधान कार्यवाही कर अभियोग पत्र अभियुक्त महेंद्र कुलकर्णी के विरुद्ध पेश किया गया।
 

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