प्रदेश विधानसभा का डिजिटलाइजेशन , बनेगी ई-असेंबली

भोपाल
 देश तेजी से डिजिटलाइजेशन और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में आगे बढ़ रहा है. ऐसे में प्रदेश चलाने वाली विधानसभा कैसे पीछे रह सकती है. मध्य प्रदेश विधानसभा के कामकाज में और भी पारदर्शिता लाने के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दृष्टि से एमपी विधानसभा भी कई नवाचार करने जा रही है जिसमें विधानसभा का डिजिटलाइजेशन यानी कि ई-असेम्बली भी शामिल है. त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष रतन चक्रवर्ती इन दोनों मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं. उन्होंने सोमवार शाम मध्य प्रदेश के विधानसभा स्पीकर गिरीश गौतम से उनके सरकारी निवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों ही अध्यक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई.

इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात विधानसभा के डिजिटलाइजेशन को लेकर हुई. एमपी विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि त्रिपुरा ने ई-असेंबली को लेकर निर्णायक काम किया है. हम जल्द ही त्रिपुरा विधानसभा का दौरा करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं को समझेंगे जिसके बाद मध्य प्रदेश में भी ई-असेंबली सिस्टम लागू होगा.

रतन चक्रवाती बोले खास रहा एमपी का दौरा
त्रिपुरा के विधानसभा अध्यक्ष रतन चक्रवर्ती ने कहा कि एमपी का दौरा कई मायनों में बेहद खास रहा. यहां के विधानसभा स्पीकर गिरीश गौतम से विधानसभा के कामकाज को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई है.  साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश की मेहमान नवाजी की भी काफी तारीफ की. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को त्रिपुरा आने के लिए आमंत्रित किया है हम  साथ में मिलकर नवाचारों पर काम करेंगे.

ई असेम्बली से कम होगा खर्च
ई विधानसभा सिस्टम लागू होने के वाद हर साल विधानसभा को करोड़ों रुपये की बचत होने का अनुमान है. इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा, क्योंकि भारी मात्रा में उपयोग होने वाले कागज की बचत हो सकेगी. विधानसभा सिस्टम लागू होने के बाद विधानसभा में सभी विधायकों की डेस्क पर कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे और प्रश्नोत्तरी से लेकर विधानसभा की कार्रवाई तक महत्वपूर्ण चीजें सिंगल क्लिक पर अवेलेबल रहेंगी. आवश्यकता होने पर ई विधानसभा सिस्टम का उपयोग करने की जरूरी ट्रेनिंग भी विधायकों और कर्मचारियों को दी जाएगी.

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