काम ऐसे करें कि जनता दुआ देकर जाये

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासन के तीनों अंग विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका एक परिवार की तरह हैं। हम सबका कर्तव्य है जनता की अच्छी से अच्छी सेवा। यदि कोई चपरासी भी अच्छी सेवा करता है, तो उसका मुख्यमंत्री की तरह सम्मान है। स्वस्थ भावना के साथ जनता के काम इस प्रकार करें कि जनता दुआ देकर जाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने आज उज्जैन में कोठी भवन के पास 27 करोड़ 16 लाख रूपये की लागत से निर्मित नवीन प्रशासकीय संकुल भवन का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने संकुल भवन परिसर में जामुन, अनार एवं तुलसी के पौधे लगाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रशासनिक संकुल भवन गुणवत्तापूर्ण है। भवन में आवश्यक फर्नीचर आदि के लिये अतिरिक्त बजट उपलब्ध करा दिया जायेगा। भवन में कई शासकीय कार्यालय एक साथ होने से जनता को कार्यों के लिये इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जनता की समस्याओं के समय पर निराकरण के लिये लोक सेवा गारंटी अधिनियम प्रदेश में लागू किया है। सरकार इस बात के लिये प्रयासरत है कि अपनी समस्याओं के निराकरण एवं कार्यों के लिये जनता को शासकीय कार्यालय कम से कम आना पड़े। घर बैठे ही उसके कार्य हो जाये। सरकार मोबाइल पर ही नागरिकों को कई सेवाएँ दे रही हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। स्वच्छता अभियान, स्वामित्व योजना, स्ट्रीट वेण्डर योजना, प्रधानमंत्री आवास, इन सभी में मध्यप्रदेश नम्बर-1 है। मध्यप्रदेश की वर्तमान बाजार मूल्य पर विकास दर भारत में सर्वाधिक 19.7 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा बढ़ कर 4.6 प्रतिशत हो गया है। प्रति व्यक्ति वार्षिक आय अब एक लाख 23 हजार हो गई है। एनएसए के सर्वे अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में 17वें स्थान से 5वें स्थान पर आ गया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उज्जैन भक्ति, ज्ञान, कर्म, शिक्षा, त्याग, सेवा, वैराग्य की नगरी है। सम्राट विक्रमादित्य अपने योग्य प्रशासन एवं न्याय के लिये विश्व-विख्यात थे। इस नवीन प्रशासनिक संकुल भवन का नाम सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल होगा। कोठी पैलेस को हेरिटेज भवन के रूप में विकसित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उज्जैन का हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। उद्योग के क्षेत्र में भी उज्जैन आगे है। आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा उज्जैन में 350 करोड़ रूपये की लागत के अमूल डेयरी के संयंत्र का वर्चुअल शिलान्यास किया गया है। स्वच्छता के क्षेत्र में भी उज्जैन को आगे आना होगा। इस संबंध में सक्रिय प्रयास किये जायें।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अब मैं ठेले वाला मामा भी हूँ। आँगनवाड़ी के बच्चों के लिये खिलौने एवं अन्य सामग्री एकत्रित करने ठेला लेकर निकलता हूँ। हम सभी यह संकल्प लें कि आने वाले एक वर्ष में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं रहेगा। आँगनवाड़ियों के अच्छे संचालन में सभी अपना पूरा-पूरा योगदान देंगे। जन्म-दिन, विवाह की वर्षगाँठ जैसे शुभ अवसरों पर आँगनवाड़ी जायें एवं बच्चों को दूध, फल बाँटें।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज मैने प्रशासनिक संकुल के शुभारंभ से पूर्व पौधा लगाया है। पर्यावरण की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। हम सभी अधिक से अधिक पेड़ लगायेंगे, तभी धरती बचेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने जनता से बिजली बचाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हम बिजली फालतू न जलायें, तो 4 हजार करोड़ रूपये की बिजली बचा सकते हैं।

कार्यक्रम में वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक एवं पूर्व मंत्री पारस जैन, बहादुर सिंह चौहान उपस्थित थे।

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