BU, भोज और मेडिकल VV के लिए कवायद, नए कुलपति के लिए राजभवन ने लगाई बेदाग की कंडीशन

भोपाल
राजभवन ने प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश के विवि में बेदाग छवि के उम्मीदवारों को कुलपति बनाया जाएगा। उम्मीदवारों को बेदाग होने का शपथ पत्र राजभवन में प्रस्तुत करना होगा। वहीं मेडिकल विवि में कुलपति बनने के लिये ठोस प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी है।  

राजभवन ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोज मुक्त विश्वविद्यालय और मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्त करने के लिये आवेदन जमा कराना शुरू कर दिया है। राजभवन की शर्तों को देखकर प्रोफेसर कुलपति बनने की परहेज जरूर करने लगे हैं। क्योंकि राजभवन ने तीनों विवि के कुलपति नियुक्त करने के लिये उम्मीदवारों से बेदाग होने का शपथ पत्र मांग लिया है। जबकि इसके पहले जारी हुए विज्ञापनों में कभी भी बेदाग शब्द का उपयोग नहीं किया गया है। तीनों विवि के होने वाले कुलतियों में विवि को लेकर वचनबद्धता होना अनिवार्य है।

बीयू : 10 साल का अनुभव जरूरी
बीयू में कुलपति बनने के लिये उम्मीदवार के पास दस साल का अनुभव होना अनिवार्य है। इसके साथ उम्मीदवार को शैक्षणिक  प्रशासनिक संगठन में शैक्षणिक नेतृत्व के साक्ष्य के साथ दस वर्ष का अनुभव जरूरी है। राजभवन छह मई तक आवेदन स्वीकृत करेगा।

भोज विवि
भोज विवि के उम्मीदवारों का व्यापक अनुभव होना चाहिए। उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उच्च कोटि की होना चाहिए। उम्मीदवार 13 मई तक आवेदन कर सकते हैं।

मेडिकल विवि : स्वास्थ्य शिक्षा में अनुभव जरूरी
स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में प्रख्यात होने के साथ ठोस प्रशासनिक अनुभव रखने वाले उम्मीदवार को राजभवन मेडिकल विवि में कुलपति नियुक्त करेगा। ऐसे उम्मीदवारों के आवेदन नौ मई तक ही जमा होंगे।

जन्म तिथियों में कर दिया राजभवन ने अंतर
राजभवन ने कुलपति की आयुसीमा 70 वर्ष कर दिया है। वर्तमान में जारी हुए तीन विज्ञापन में जन्मतिथियों में अंतर रखा गया है। इसमें जहां बीयू में उम्मीदवार का जन्म एक अक्टूबर 1956 और मेडिकल विवि में एक सितंबर 1956 या उनके बाद होना बताया है। जबकि भोज विवि में एक अक्टूबर 1961 मांगा है। जबकि ये तीनों विज्ञापन एक सप्ताह के अंदर विज्ञापित किये गये हैं। इसके बाद भी तीनों की तिथियों में एक माह और पांच साल का अंतर रखा गया है।

इन्हे हटाना पड़ा था पद से
बीयू से मुरलीधर तिवारी, भोज विवि से तारिक जफर, महू विवि से डॉ. आशा शुक्ला, विक्रम विवि से एसएस पांडे बेदाग छवि होने के बाद ही राजभवन द्वारा नियुक्त किये गये थे। अपना कार्यकाल पूर्ण करने के कुछ ही दिनों पूर्व उन्हें शासन ने दागदार साबित कर हटाया था। वर्तमान में दो दर्जन से ज्यादा विवि में नियुक्त कुलपति अपना कार्यकाल बिना की गतिविधियों के पूर्ण कर रहे हैं, ताकि शासन उन्हें दागदार साबित नहीं कर सके। ऐसे ही कुछ प्रयास भोज विवि के कुलपति जयंत सोनवलकर के ऊपर किए गए हैं।

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