Khirkiya News : विकास शुल्क जमा करवाने की जगह अवैध कॉलोनियों में कर रही नगर परिषद विकास

ललित बथोले, उज्जवल प्रदेश, खिरकिया
Khirkiya News : यू तो नगर परिषद के अधिकारी आर्थिक तंगी का रोना रोते नही थकते वहीँ दूसरी ओर नगर परिषद अवैध कॉलोनियों में विकास के कार्य करवाने के लिए भारी भरकम प्रस्ताव ले रही है खिरकिया नगर में अवैध कॉलोनियों की भरमार है कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध कॉलोनी के पक्ष में शिथिलता बरतते हुए नियमो को ताक पर रखकर कागजों की खनापूर्ती करते हुए कई कॉलोनी नगर परिषद को हैंडओवर कर दी है विगत वर्षों में तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष व तत्कालीन सीएमओ द्वारा किए गए कामों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कॉलोनियों में सुविधा के नाम पर कुछ नही किया गया है अब नगर परिषद उन कॉलोनियों से विकास शुल्क बसूलने की जगह अवैध कॉलोनियों में लाखों रुपये के विकास कार्य करवाने जा रही है। जनता के हक के पैसे जिनसे जनता की जरूरतों के काम हो सकते है उन्हें जनता के लिए खर्च करने की जगह कॉलोनी मालिको को खुश किया जा रहा है। आम जनता समझ नही पा रही है कि नगर परिषद में बैठे जिम्मेदार उनके लिए काम करेंगे या कॉलोनी मालिको के लिए पत्रकार संघ उठा रहा लगतार मुद्दे।

पत्रकार संघ के द्वारा विगत दिनों से लगातार अवैध कॉलोनियों के खिलाफ खबरें प्रकाशित की जा रही है उसके बावजूद नगर परिषद का अवैध कॉलोनियों के प्रति नरम रुख रहा है सोमवार को हुई नगर परिषद की बैठक में प्रत्येक वार्ड में दो दो काम स्वीकृत किए गए हैं परन्तु उसमे ज्यादातर सड़क नाली के काम अवैध कॉलोनियों में करने के प्रस्ताव लिए गए हैं जो विचारणीय है।

उदाहरण के लिए नगर परिषद ने प्रस्ताव क्रमांक 19 में वार्ड नं 10 के दो काम स्वीकृत किए हैं उसमे पानी की टँकी से शिवदीन के मकान से होते हुए खलील के मकान से डायमंड कॉलोनी के गेट तक सीसी सड़क व नाली निर्माण का प्रस्ताव लिया गया है वास्तविक स्थिति में वहां खेत है दोनों ओर और वह खेत मे बनाया गया रास्ता है प्रायवेट वहां सीसी सड़क बनाने में लगने वाली लाखों रुपए की राशि कॉलोनी काटने वाले से बसूली जानी चाहिए न कि जनता के लिए आए फंड से किसी के खेत में बने रास्ते पर सीसी रोड़ व नाली बना दी जाए यह मात्र एक प्रस्ताव है ऐसे कई प्रस्ताव प्रायवेट अवैध कॉलोनियों में विकास कार्यो के लिए लिए गए हैं।

क्या कहता है नियम

नियम कहता है कि कॉलोनी मालिक द्वारा निर्धारित विकास शुल्क नगर परिषद में जमा किया जाता है और कुछ खाली प्लाट भी नगर परिषद में बंधक के रूप में रखे जाते हैं इसके साथ नियमानुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है कॉलोनी के रहवासियों को तभी नगर परिषद कॉलोनी को अपने हैंडओवर करती है परन्तु विगत वर्षों में नगर परिषद में कॉलोनियों को हैंडओवर करने व बंधक रखे प्लाटों को छुड़ाने में बड़ा हेरफेर किया गया है जिसकी जांच स्वयं नगर परिषद कर रही है।

इनका कहना

जो भी अवैध कॉलोनी है उससे पहले विकास शुल्क जमा करवाने के बाद ही विकास कार्य करवाया जाएगा। अभी मात्र प्रस्ताव लिए गए हैं।
राजेन्द्र श्रीवास्तव, सीएमओ नगर परिषद खिरकिया

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