बक्सवाहा मे फर्जी तरीके से जमीनो का हो गया खेला

फर्जी दस्तावेज. के आधार पर बिक गयी जमीन.    जमीन मालिक दिल्ली मे करता रहा काम जब घर आया तो पता चला उसकी बिक गयी जमीन तहसीलदार का दावा अभी और बहुत सारे मामले जॉच मे सब आयेगा सामाने तहसीलदार ने सारी परिस्थिति से कलेक्टर को कराया अवगत
बकस्वाहा
बक्सवाहा के राजस्व विभाग में लगातार अनुमित्ताओ का दौर जारी है जैसा कि फर्जी दस्तावेज के जरिए किसानों की जमीनों को बेच दिया जा रहा है फर्जी दस्तावेज तैयार करके किसानों की जमीनों को किसी दूसरे के नाम पर कर दी जाती है यह जानकारी किसान को तब पता चली जब उसे तहसील से पेशी के लिए नोटिस जारी हुआ। यह विकास खंड का पहला मामला नहीं है ऐसे कई मामले तहसील से उजागर किए गए हैं।

 रजिस्ट्री लेखक और उपपंजीयक जो फर्जी दतावेज बना कर किसानों की जमीन दलालों को बेंच रहे है  जानकारी के अनुसार बक्सवाहा तहसीलदार श्यामाचरण चौबे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया की ग्राम कसेरा मैं जमीनों का विक्रय फर्जी तरीके से हुआ है जिसमे खसरा नंबर 341/15 रकबा 2.023 हेक्ट. यानी 5एकड़ ढिसमल है जिसमे भूमि स्वामी फूलाबाई पति हरदास अहिरवार निवासी ग्राम पुतली खेरा तहसील घुवारा  कि  जमीन  बिना जानकारी के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बेच दी गई वही इसी तर्ज पर खसरा नंबर 341/3/1 रकबा 1.011 हेक्टे. यानी 2 एकड़ 52 ढिसमल है जिसके भूमि स्वामी बसोरी अहिरवार पितादरोबा अहिरवार निवासी वार्ड नम्बर 02 बकस्वाहा के निवासी है उन्होंने बताया  की जब मैंने अपनी जमीन की नकल निकलवाई तो पता चला कि मेरी जमीन का मालिक अब कोई अन्य व्यक्ति है।

गौरतलब है की दोनो जमीन की बिक्री फर्जी तरीके से हुई है वही दोनो जमीनों का खरीददार एक ही व्यक्ति है और दोनों रजिस्ट्री के गवाही भी एक ही नाम के व्यक्ति हैं सोचने वाली बात यह है कि यह खेल लगभग कब से चलता रहा है आपको बता दें  कि इस माह में फर्जी तरीके से जमीन बिक्री के तीन मामले सामने आए है रजिस्ट्री लेखकों से राजस्व के गठबंधन के चलते फर्जी खरीद फरोख्त का सिलसिला कब से चल रहा है।

जांच के बाद यह सिद्ध होगा कि इस फर्जीवाड़े में रजिस्ट्री लेखक की गलती या रजिस्टार की गलती है। सोचने वाली बात यह है कि रजिस्ट्री होने से पहले रजिस्ट्री के सारे कागजात रजिस्टर द्वारा सर्च किए जाती है लेकिन प्रचंड यह लगता है कि आखिर क्यों कागज की पूर्ण पहचान कर रजिस्ट्री कर दी गई इसमें कौन लिप्त है यह पुष्टि जांच के बाद सामने आएगी वही रजिस्ट्री लेखकों द्वारा कहा गया कि हमारे द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज लगाकर रजिस्ट्री नहीं की गई है किसानों के द्वारा हमारे पास आकर रजिस्ट्री लिखवाने के लिए कागज प्रस्तुत किए जाते हैं जिसके बाद हम रजिस्ट्री का लेखन करते हैं

तहसीलदार श्री चौबे ने जानकारी देते हुए बताया  कि फर्जी तरीके से किसानों जमीनों के खरीद फरोख्त के तीन मामले अभी हमारे सामने आए है  पिछले मामले में दोषी पाए गए पटवारी के निलम्बन के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है

अभी दो नए मामलों की जांच की जा रही है जिसमे यह पाया गया कि उपपंजीयक कार्यालय से लेकर रजिस्ट्री लेखक सब इस फर्जीवाड़े में शामिल है जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।

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