उद्योगों को बनाए रखने हजारों करोड़ के प्रोत्साहन और राहतें, छह बार तक माफ किए बिजली बिल

भोपाल
सरकार ने पिछले सात साल में प्रदेश के बड़े उद्योगों को जिंदा रखने के लिए 4 हजार करोड़ों की राशि इन्हें दी है। वहीं कई उद्योगों के लगभग 43 करोड़ रुपए के बिजली बिल भी माफ किये गए। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के प्रश्न के लिखित उत्तर में उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2022 तक के वित्तीय वर्ष में उद्यागों को राशि वितरित की गई है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2015-16 में 670.47 करोड़, वर्ष 2016-17 में 1025.85 करोड़, वर्ष 2017-18 में 500.23 करोड़, वर्ष 2018-19 में 319.37 करोड़, वर्ष 2020-21 में 301.61 और वर्ष 2021-22 में 788.04 करोड़ रुपए दिए गए। यह कुल राशि 3891.04 करोड़ रुपए होती है।

इनको मिली बिजली बिल में राहत
जीतू पटवारी के इसी सवाल के लिखित उत्तर में बतया गया कि सीहोर जिले की मेसर्स वर्धमान फेब्रिक्स तृतीय विस्तारित ईकाई को चार बार बिजली बिल में राहत दी गई। जिसमें 15 अगस्त 2019 से फरवरी 2022 के बीच में पांच बार इस उद्योग को बिजली बिल में 11 करोड़ 15 लाख 89 हजार 121 रुपए की राहत दी गई। वहीं मेसर्स वर्धमान यार्न यूनिट 6 मंडीदीप को भी जुलाई 2020 से लेकर फरवरी 2022 तक 6 बार बिजली बिल में राहत दी गई है। इस दौरान इस कंपनी को सात करोड़ 11 लाख 81 हजार रुपाए की बिजली बिल में राहत दी गई है। इसी तरह इसी यार्न के यूनिट सात को भी बिजली बिल में राहत मिली है। वहीं मेसर्स वेलस्पन कार्प लिमिटेड रायसेन, मेसर्स सागर मैन्युफैक्ैचरर्स प्रा, लिमिटेड रायसेन, लिमिटेड, मेसर्स नाहर स्पिनिंग मिल्स मंडीदीप को भी बिजली बिल में राहत दी गई है।

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