औद्योगिक इकाइयाँ स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दें : मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में निवेश कर रही औद्योगिक इकाइयाँ, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दें। जिन स्थानों पर उद्योग लग रहे हैं, उसके आसपास निवासरत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल उन्नयन में औद्योगिक इकाइयाँ संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें। मुख्यमंत्री चौहान धार जिले में बदनावर के निकट दोत्रिया में 800 करोड़ रूपये की लागत से स्थापित हो रही एंडयूराफैब की नवीन औद्योगिक इकाई के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय से वर्चुअली सहभागिता की।

दोत्रिया, बदनावर में भूमि-पूजन स्थल पर औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और विधायक श्रीमती नीना वर्मा उपस्थित थी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन संजय शुक्ला, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश सभी क्षेत्रों में रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। गेहूँ, चावल के उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की गई है। खाद्य प्र-संस्करण में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खेती के साथ प्रदेश के औद्योगिक विकास में रिकॉर्ड स्थापित करने की ओर हम अग्रसर हैं। फार्मा क्षेत्र में प्रदेश से 10 हजार करोड़ रूपए का निर्यात हुआ है। प्रदेश में उद्योंगों में निवेश से रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने पिछले तीन माह में 13 लाख 50 हजार युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश को गौरवशाली, वैभवशाली, समृद्ध, संपन्न और सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने की ओर हम अग्रसर हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एंड्यूराफैब 800 करोड़ रूपए की लागत से तकनीकी वस्तुओं के उत्पादन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक वेस्ट रिसाइकलिंग का संयंत्र लगाने जा रही है। इस उद्योग से लगभग 2 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा और लगभग 4 हजार परिवार परोक्ष और अपरोक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इस संयंत्र से लगभग 36 हजार टन प्लास्टिक वेस्ट को मूल्यवान वस्तुओं में बदला जा सकेगा। इन वस्तुओं का निर्यात भी होगा और प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा अर्जित होगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बदनावर में आ रही यह इकाई क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इसकी स्थापना से पीथमपुर और रतलाम को औद्योगिक रूप से जोड़ने की दिशा में भी गतिविधियाँ आरंभ होंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की दृष्टि से श्रेष्ठ राज्य है। शांति का टापू होने के साथ यहाँ पर्याप्त वन, खनिज जैसी प्राकृतिक संपदा और जल संसाधन उपलब्ध है। भूमि-पूजन स्थल पर कार्यक्रम को मंत्री दत्तीगांव ने भी संबोधित किया।

 

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