बूस्टर डोज से डेवलप होगा इंफ्रास्ट्रक्चर, MP के हिस्से में 6280 करोड़ रुपए

भोपाल
प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए राज्य सरकार सवा छह हजार करोड़ के प्रस्ताव तैयार करेगी। लोक निर्माण विभाग की इसमें मुख्य भूमिका होगी और इस मोटी रकम से राज्य के अधोसंरचना विकास के कामों में तेजी लाई जा सकेगी। लोक निर्माण विभाग इस राशि के लिए जल्द ही वित्त विभाग के समक्ष प्रस्ताव पेश करेगा जिसके बाद केंद्र सरकार से यह प्रस्ताव एप्रूवल और रिलीज के भेजा जाएगा। यह सवा छह हजार करोड़ रुपए राज्य सरकार के बजट में किए गए अधोसंरचना विकास कार्य के अलावा मिलने वाली राशि है।

केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फार कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2022-23 के नाम पर योजना शुरू की है। इस योजना में एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन राज्यों को किया गया है। इसमें मध्य प्रदेश के हिस्से में 6280 करोड़ रुपए आ रहे हैं। इस राशि का मुख्य उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में किया जाएगा। पचास साल तक बिना ब्याज के मिलने वाली इस राशि का उपयोग इसी साल किया जाएगा। 15 वें वित्त आयोग के अंतर्गत दी गई इस राशि के खर्च के लिए एक्सपेंडिचर विभाग से एप्रूवल लेना होगा। इस राशि से पीएमजीएसवाई, इंसेंटिंव आॅफ डिजिटाइजेशन, आप्टिकल फाइबर केबल, अर्बन रिफार्म्स के अंतर्गत टाउन प्लानिंग स्कीम, लोकल एरिया प्लान, टीडीआर, माडर्नाइजेशन आफ बिल्डिंग बायलाज, टीओडी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बसों में टैक्स हटाने में राशि खर्च करने की छूट राज्य सरकार को होगी।

इसके अलावा डिसइन्वेस्टमेंट आॅफ मोनिटाइजेशन का काम भी इससे किया जा सकेगा।  पीएम गति शक्ति के अंतर्गत स्टेट लाजिस्टिक पलिसी, एडमिनिस्टेÑटिव स्ट्रक्चर क्रिएशन, नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप के काम हो सकेंगे। इसके साथ ही सिटी लाजिस्टिक प्लान पर भी काम किया जा सकेगा।

करों और अनुदान के अतिरिक्त मिलेगी यह राशि
केंद्र सरकार द्वारा यह राशि केंद्रीय मद से मिलने वाले करों और अनुदान राशि के अतिरिक्त दी जाएगी। इसमें अधोसंरचना पर 80 हजार करोड़ और बाकी कार्यों पर 20 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के लिए केंद्र ने प्रावधान किया है। प्रदेश को अधोसंरचना के लिए सवा छह हजार करोड़ रुपए मिलने वाले हैं जो बिना ब्याज के होने के कारण सरकार को इसका अतिरिक्त भार ब्याज या अन्य रूप में उठाने से राहत मिलेगी।

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