अंतर्राष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव रविंद्र भवन में 16 अक्टूबर से

  • स्वाद मेले में उठाए विभिन्न व्यंजनों का लुफ्त

भोपाल

श्रीराम कथा के विविध प्रसंगों पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय श्रीरामलीला का मंचन रविंद्र भवन में 16 अक्टूबर 2022 से होगा। प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और फिजी देश की संस्थाओं और कलाकारों द्वारा रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर रामलीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला उत्सव 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से मुक्ताश मंच पर मंचित होगा। पहली बार हनुमान चालीसा के 40 दोहों पर केंद्रित "संकटमोचन" चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही लोकराग के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से रविंद्र भवन परिसर में नृत्य, गायन और कठपुतली प्रदर्शन की गतिविधियाँ भी की जाएगी। कार्यक्रम में सभी का प्रवेश निःशुल्क है।

प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि राम लीला देखने आने वाले दर्शक और भक्तगण रविंद्र भवन में "स्वाद" व्यंजन मेला का भी लुत्फ उठा पाएंगे। मेले में बघेली, बुंदेली, राजस्थानी, मराठी, सिंधी के साथ ही जनजाति समुदाय के व्यंजन भी उपलब्ध रहेंगे। साथ ही दीपोत्सव मेला में 175 से अधिक शिल्पी विविध माध्यमों के शिल्प और वस्त्रों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे।

प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि देश और विदेश की रामलीलाओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद नई दिल्ली के सहयोग से यह पहल की गई हैं। वैश्विक नायक के रूप में राम के आदर्श चरित्र का अंतरराष्ट्रीय राम लीला में मंचन किया जाएगा। श्रीरामलीला का लाइव टेलीकास्ट यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से भी किया जाएगा ताकि सभी प्रदेशवासी श्रीरामलीला से जुड़ सकें।

श्रीराम लीला का सात दिवसीय कार्यक्रम

रविंद्र भवन में 16 अक्टूबर को अवध आदर्श रामलीला मण्डल अयोध्या (उत्तरप्रदेश) द्वारा शिव-पार्वती संवाद, विश्वमोविनी स्वयंवर, श्रीराम जन्म एवं ताड़का सुबाहू वध प्रसंग का मंचन होगा। अगले दिन 17 अक्टूबर को नाटक कला मंदिर ग्रुप, श्रीलंका के कलाकारों द्वारा श्रीराम रावण काव्यम् एवं सुमीरादास एवं साथी, भुवनेश्वर (उड़ीसा) द्वारा श्रीराम प्रेमभक्ति कथाः ओडिशा नृत्य का मंचन किया जायेगा। इसी तरह 18 अक्टूबर को लास्या आर्ट्स अकादमी (मलेशिया) द्वारा रामायणम् तथा डॉ. लता सिंह मुंशी एवं साथी भोपाल द्वारा श्रीरामकथाः भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। अगले दिन 19 अक्टूबर को उत्तर कमलाबाड़ी सत्र शंकरदेव क्रिस्टी संघ, माजुली (असम) द्वारा पुष्पवाटिका, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और थाईलैंड के खोन रामायण ग्रुप द्वारा राम कथा का मंचन किया जाएगा। उत्सव के 5वें दिन 20 अक्टूबर को श्रीरामलीला मंडल, उड्डपी (कर्नाटक) द्वारा वनगमन, सीताहरण, जटायु प्रसंग का मंचन होगा। अगले दिन 21 अक्टूबर को त्रिनिडाड एंड टोबागो के हिंदू प्रचार केंद्र के कलाकारों द्वारा राम कथा और श्रीरघुनाथजी लीला प्रचार समिति पुरी (उड़ीसा) द्वारा राम सुग्रीव मित्रता, हनुमान रावण संवाद एवं लंका दहन प्रसंग की प्रस्तुति दी जाएगी। समारोह के अंतिम दिन 22 अक्टूबर को फिजी के सत्संग रामायण ग्रुप द्वारा श्रीरामकथा और सतना के आदर्श रामलीला मंडल द्वारा लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक प्रसंग मंचित किये जायेंगे।

लोकराग के अंतर्गत नृत्य, गायन एवं कठपुतली प्रदर्शन

रविंद्र भवन में 17 अक्टूबर को सुउमा सक्सेना एवं साथी, भोपाल द्वारा बुन्देली गीतों में श्रीराम एवं लीलाधर रैकवार एवं साथी, सागर द्वारा ढिमरियाई नृत्य प्रस्तुति की जायेगी। अगले दिन 18 अक्टूबर को सुशीला त्रिपाठी एवं साथी, भोपाल द्वारा बघेली गीतों में श्रीराम एवं घूमन पटेल एवं साथी, दमोह द्वारा कानड़ा नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा। तीसरे दिन 19 अक्टूबर को सुसंदीपा पारे एवं साथी, भोपाल द्वारा निमाड़ी गीतों में श्रीराम एवं दिलीप माम एवं साथी, भोपाल द्वारा कठपुतली प्रस्तुति दी जाएगी। इसी प्रकार 20 अक्टूबर को सुलता व्यास एवं साथी, भोपाल द्वारा मालवी गीतों में श्रीराम एवं गणपत सखाराम मसगे, महाराष्ट्र द्वारा कठपुतली की प्रस्तुति की जायेगी। अगले दिन 21 अक्टूबर को अभिषेक निगम एवं साथी, उज्जैन द्वारा भक्ति गावन एवं मनीष यादव एवं साथी सागर द्वारा बरेदी नृत्य प्रस्तुत किये जायेंगे। अंतिम दिन 22 अक्टूबर, 2022 को रूद्रकांत ठाकुर एवं साथी, सिवनी द्वारा भक्ति गायन एवं सुस्वेता अग्रवाल एवं साथी रीवा द्वारा अहिराई नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

 

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