Khategaon News : ‘जरा-सी चूक पड़ेगी महंगी’ साइबर क्राइम व नशा मुक्ति पर विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण, नशा नहीं करने की शपथ दिलाई

अनजान नंबरों के वीडियो कॉल, सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट ना स्वीकारे ,पिन पासवर्ड गोपनीय रखें...

अनिल उपाध्याय, उज्जवल प्रदेश, खातेगांव.
Khategaon News : खातेगांव के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में साइबरक्राइम लैंगिक अपराधों से बचाव व जागरूकता को लेकर खातेगांव पुलिस द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी विक्रांत झाझोट, महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर सपना रावत,महिला पुलिस आरक्षक श्वेता मिश्रा ,आरक्षक शानु साहू ने वर्तमान परिस्थितियों को लेकर छात्राओं को कानूनी टिप्स दिए, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल सिंह एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा एसडीओपी ज्योति उमठ के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में खातेगांव पुलिस इन दिनों स्कूल कॉलेज और विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर क्राइम एवं नशा नहीं करने की शपथ दिला रही है।

इसी आयोजन के तहत उत्कृष्ट विद्यालय में थाना प्रभारी विक्रांत झाझोट ने कहा की सोशल मीडिया पर जरा सी चूक बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। इसके लिए जागरूकता जरूरी है उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विशेषकर छात्राएं अनजान लोगों के वीडियो कॉल रिसीव नहीं करें सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें सोशल मीडिया के पासवर्ड पीन शेयर ना करें छोटी-छोटी सावधानी को अपनाकर साइबर क्राइम से बचा जा सकता है।

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इस दौरान विद्यार्थियों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई गई, आपने कहा की वर्तमान में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए हमें जागरूक रहने की जरूरत है। साइबरक्राइम मोबाइल लैपटॉप के माध्यम से होते हैं साइबर क्राइम का शिकार होने से बचने के लिए इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है।

उन्होंने कहा सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती नहीं करें मोबाइल पर लाटरी सहित अन्य प्रकार के लालच में आकर बैंक सहित अपनी व्यक्तिगत जानकारी शेयर नहीं करें निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें यदि आप साइबर क्राइम के शिकार हो गए तो इसकी जानकारी परिजनों और पुलिस को दें

विद्यार्थियों की मानसिक क्षमता को करें विकसित

विद्यालय के शिक्षक नितिन चौबे सहित सभी शिक्षक एवं उपस्थित शिक्षिकाओं को लैंगिक अपराध पॉक्सो एक्ट को लेकर जानकारी दी गई ,विद्यार्थियों की मानसिक क्षमता को विकसित किया जाए उन्हें वर्तमान में साइबर क्राइम के नए-नए तरीके से अपडेट रखा जाए सतत बातचीत के माध्यम से बच्चों के मन में चल रही उलझनो को सुलझाने के प्रयास होना चाहिए इसमें बच्चे गलत रास्ते पर जाने से बच सकते हैं।

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