Khirkiya News : विद्युत मंडल मंडल के ठेकेदार ने कांट दिए बड़े-बड़े पेड़

Khirkiya News : मुहाल कला से छीपाबड़ की और 11 केवी विद्युत लाइन के पोल गाड़े जा रहे हैं। सड़क किनारे गाड़ी जा रही इस लाइन के बीच में आने वाले दर्जनों बड़े-बड़े पेड़ कांटे जा रहे है जोकि लगभग 50 वर्ष से भी पुराने हैं।

ललित बाथोले, खिरकिया
Khirkiya News : मुहाल कला से छीपाबड़ की और 11 केवी विद्युत लाइन के पोल गाड़े जा रहे हैं। सड़क किनारे गाड़ी जा रही इस लाइन के बीच में आने वाले दर्जनों बड़े-बड़े पेड़ कांटे जा रहे है जोकि लगभग 50 वर्ष से भी पुराने हैं। एक तरफ सरकार के मुखिया सीएम शिवराज सिंह चौहान प्रतिदिन एक पेड़ लगाने का संकल्प लेकर चल रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर विद्युत मंडल अपने ठेकेदार के द्वारा दशकों पुराने पेड़ों को कटवा रहा है। जिसमें महुआ जैसे संरक्षित पेड़ भी शामिल है। महुआ का पेड़ मध्य प्रदेश की संस्कृति और आर्थिक संरचना से जुड़ा हुआ है। आदिवासियों के पालन पोषण का मुख्य स्रोत महुआ का पेड़ माना जाता है।

महुआ के पेड़ को काटने पर सरकार ने पाबंदी लगा रखी है परंतु हरदा विद्युत मंडल और खिरकिया के अधिकारी की नाक के नीचे हरदा खंडवा मेन रोड पर धड़ल्ले से पेड़ काटे जा रहे हैं।

जो किसी भी अधिकारी को नजर नहीं आए इस विषय पर ठेकेदार से बात करने पर ठेकेदार ने बताया की खिड़कियां में पदस्थ जेई डोले सर ने बोला है कि विद्युत लाइन के बीच में जो आए उसे काट दो जब विद्युत मंडल के जेई डोले को फोन लगाया गया तो उनका फोन कर्मचारी ने उठाया और बताया कि साहब छुट्टी पर गए हैं और फोन फॉरवर्ड कर दिया है।

तहसीलदार बोले हमें कोई जानकारी नहीं

वही जब इस विषय पर राजस्व तहसीलदार खिरकिया से बात की गई तो उन्होंने जानकारी नहीं होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया, जबकि उक्त पेड़ पौधे संरक्षित रहे। इसकी जवाबदारी राजस्व की होती है। विद्युत मंडल स्वयं या उसका ठेकेदार अगर बिजली लाइन खड़ी करता है और उसके बीच में पेड़ पौधे आते हैं।

तो तहसीलदार के द्वारा परमिशन लेकर ही पेड़ काटे जाते हैं। परंतु हरदा जिले में अंधेर नगरी चौपट राजा जैसा काम चल रहा है और ठेकेदार ने दशकों पुराने मोटे मोटे पेड़ काट दिए हैं। जिसकी जानकारी किसी को भी नहीं है।

सड़क से सटाकर खड़े किए पोल

ठेकेदार ने यह कारनामा और किया है कि पाउडर से मुहाल के बीच में डामर की सड़क से मात्र 5 फीट की दूरी पर विद्युत पोल खड़े कर दिए हैं जो दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा है। यह विडंबना है कि एक पेड़ लगाकर उसे बड़ा करने में 10 को लगते हैं।

एक तरफ विकास के नाम पर प्ले प्ले पेड़ काट दिए जाते हैं पत्रकार संघ इस खबर को प्रमुखता से उठा रहा है और बगैर परमिशन पेड़ काटने पर उक्त थे केदार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए यह मांग करता है।

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