चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग द्वारा नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम का शुभारंभ

भोपाल

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गाँधी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम से मेडिकल नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम की शुरूआत की। उन्होंने ब्रोशर का विमोचन भी किया। मंत्री सारंग ने घोषणा की कि जीएमसी का ऑडिटोरियम वातानुकूल बनेगा। सभी मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधा के लिये रि-क्रिएशन सेंटर स्थापित किये जायेंगे। मंत्री सारंग ने कहा कि हमीदिया के इमरजेंसी विभाग को नम्बर-वन बनाया जायेगा। मंत्री सारंग सभी शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सकों एवं छात्रों को कार्यक्रम के जरिए ऑनलाइन संबोधित किया।

मंत्री सारंग ने कहा कि नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम के जरिये एक-दूसरे की बौद्धिक क्षमता का आदान-प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार धन को इकट्ठा करने से बढ़ता है, उसी प्रकार ज्ञान बाँटने से बढ़ता है। चिकित्सा शिक्षा एक महत्वपूर्ण विभाग है। डॉक्टर जीता-जागता भगवान है, उसे पीड़ित मानवता की सेवा करने के लिये नियत किया गया है।

मंत्री सारंग ने कहा कि हर डॉक्टर को समाज-सेवा करने का संकल्प लेना होगा। अपने लिये नहीं, परिवार के लिये नहीं, समाज निर्माण के लिये कार्य करें। उन्होंने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा जरूरी है। देश का युवा स्वामी विवेकानंद बनने को तैयार है, लेकिन उसे रामकृष्ण परमहंस जैसे गुरू की आवश्यकता है।

स्टूडेंट वेलफेयर

मंत्री सारंग ने कहा कि मेडिकल एजुकेशन को सुदृढ़ बनाने के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। नित नये नवाचार कर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्टूडेंट वेलफेयर की दिशा में काम हो रहा है। छात्र बीमा योजना इसका उदाहरण है। मेडिकल क्षेत्र में लगातार सीट्स वृद्धि की जा रही है। नये कोर्सेस लाये जा रहे हैं। हिन्दी में एमबीबीएस की पढ़ाई की शुरूआत की गई है। अप्रैल माह में 3 विषयों की हिन्दी पुस्तक आ जायेंगी। यह एक समानांतर व्यवस्था रहेगी।

रिसर्च एवं डेव्हलपमेंट होना आज की आवश्यकता

मंत्री सारंग ने कहा कि रिसर्च एवं डेव्हलपमेंट होना आज की आवश्यकता है। इसके लिये नॉलेज शेयरिंग की शुरूआत की जा रही है। इसके जरिये इंस्टीट्यूट सहित विशेषज्ञ डॉक्टर्स से भी एमओयू किया जा रहा है, जो अपनी विधाओं के जरिये ज्ञान को साझा करेंगे। उन्होंने युवा डॉक्टर्स से एमपी गव और नॉलेज शेयरिंग पोर्टल के जरिये ज्यादा से ज्यादा जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल टेक्नालॉजी आज के समय की आवश्यकता है।

डेटा एनालिसिस से नये-नये शोध

मंत्री सारंग ने कहा कि मशीन लर्निंग बहुत बड़ा विज्ञान है। इसमें डेटा एनालिसिस से नये-नये शोध कर सकते हैं। उन्होंने थ्री-डी प्रिंटिंग के बारे में बताया कि जो सपना हम देखते हैं, उसे मशीन बना देती है। उन्होंने कहा कि मेडिकल इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा। आईआईटी इंदौर के साथ इस सेंटर की शुरूआत की जायेगी। हम मेडिकल रोबोटिक्स की दिशा में भी प्रयासरत हैं।

आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत वरवड़े ने कहा कि नॉलेज रिसर्च नवाचार से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री सारंग के मार्गदर्शन में 13 बिन्दुओं पर आधारित नॉलेज शेयरिंग मिशन सेल की स्थापना की गई है। मध्यप्रदेश के नवाचारों का फायदा पूरे देश को मिले, इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। मिशन संचालक डॉ. आशीष गोहिया ने मिशन की कार्य-योजना और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. राहुल रोकड़े ने किया। संचालक डॉ. जितेन्द्र शुक्ला ने आभार माना। इस मौके पर अधिष्ठाता डॉ. अरविंद राय सहित अन्य वरिष्ठ डॉक्टर्स और मेडिकल छात्र उपस्थित थे।

 

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