अमृत सरोवर को बनाएँ देश भक्ति केन्द्र- मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए। प्रभारी मंत्री प्रति माह समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव वर्ष में बन रहे अमृत सरोवरों को देशभक्ति का प्रेरणा-स्थल बनाएँ। जिलों में प्रशासन द्वारा सामाजिक समरसता का वातावरण बनाने का कार्य हो। सभी वर्गों से संवाद रहे। कहीं जातिगत विद्वेष, धर्मांतरण की घटनाएँ न हों। आपराधिक तत्वों पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। अवैध शराब विक्रय, जुआ, सट्टा, चोरी और अन्य अपराधों की घटनाओं को हर हाल में रोका जाए। विकास की संभावनाओं को जन-भागीदारी से साकार करें।

मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार की सुबह निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा मंदसौर और झाबुआ जिले में संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कलेक्टर मंदसौर को जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में अच्छी प्रगति और झाबुआ कलेक्टर को जिले में अमृत सरोवर निर्माण, साक्षरता और शिक्षा, लिंगानुपात में सुधार और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए विशेष प्रयासों के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री चौहान ने मंदसौर जिले की समीक्षा में पेयजल प्रबंधों की स्थिति और पेयजल परियोजनाओं के संचालन की जानकारी ली। कलेक्टर मंदसौर ने बताया कि पेयजल की स्थिति संतोषजनक है और कहीं भी गंभीर संकट नहीं है। नए बोर करने पर प्रतिबंध लागू है। जिले में 192 प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जहाँ नल-जल योजनाएँ बेहतर नहीं चल रही, उनकी समीक्षा कर कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जाए। नल-जल योजनाएँ भविष्य के लिये बेहतर सिद्ध हों। योजनाओं में खर्च हो रहा पैसा जनता का पैसा है। इसका सही उपयोग होना चाहिए। अधिकारी जन-प्रतिनिधियों के साथ बैठ कर चर्चा करें, जिससे भविष्य के लिए बेहतर योजना बन सकें। मुख्यमंत्री ने जलाभिषेक अभियान में जन-सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल-संरक्षण के लिए, जनता को शिक्षित करना चाहिए, नहीं तो भविष्य में बढ़े जल संकट का सामना करना पड़ेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में जिले में 39 हज़ार आवास स्वीकृत हुए थे, जो बन गए हैं। कुल 98 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति हो चुकी है। शहरी क्षेत्र में प्रगति कम है और अभी 56 प्रतिशत आवास ही पूर्ण हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्र में योजना के कार्यों को तेजी से पूरे करें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि योजना के हितग्राहियों में अपात्रों को न जोड़ा जाए। अगर कहीं अपात्र जोड़ दिए गए हैं तो उन पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्र में योजना की अच्छी प्रगति के लिए कलेक्टर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंदसौर जिले को आइडियल बना सकते हैं। बताया गया कि जिले में आवास प्लस में हितग्राहियों को स्वीकृत की गई राशि की प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में हितग्राहियों की प्रामाणिकता के साथ सूची बनाएँ। यह भी प्रयास करें कि जिनके घर बन रहे हैं, उनके लिए एक साथ सामान उपलब्ध करवाया जाए। इस दिशा में मंदसौर मॉडल जिला बने।

मुख्यमंत्री चौहान ने प्रतिमाह राशन वितरण के लिए 7 तारीख को "अन्न उत्सव" को सार्थक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनाज वितरण में मंदसौर को बेहतर व्यवस्था के लिए भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत सरोवर योजना ऐसे बनना चाहिए कि वे गाँव के लिए भी प्रेरणा-स्थल बन जाये। यहाँ 15 अगस्त और 26 जनवरी पर झंडा-वंदन भी हो। हम ऐसा प्रयास करें कि जिले में निर्मित अमृत सरोवर मॉडल बनें। अमृत सरोवर के निर्माण से लोगों को भी जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी योजना या सार्वजनिक कार्य में जब तक जनता का मन नहीं जुड़ता, अपेक्षित सफलता भी नहीं मिलती। कुछ उद्योगपतियों को भी अमृत सरोवर बनाने के कार्य में जोड़ सकते हैं। बताया गया कि “एक जिला – एक उत्पाद” योजना में मंदसौर जिले में लहसुन को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारे पास यह अवसर है कि देश-विदेश में लहसुन का एक्सपोर्ट हो। इसकी मार्केटिंग के लिए बेहतर प्रयास करें। मंदसौर का लहसुन ब्रांड बनकर प्रसिद्ध हो, ऐसे प्रयास करें। आधुनिक पद्धति से लहसुन प्र-संस्करण कार्य को बढ़ावा दिया जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने गौरव दिवस मनाए जाने के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दतिया में माँ पीताम्बरा माई की रथ यात्रा निकालने के साथ गौरव दिवस मनाया गया। इस पैटर्न पर मंदसौर में कार्यक्रम संभव है। इसे हम भगवान पशुपतिनाथ से जोड़कर भी वृहद स्तर पर मना सकते हैं। साथ ही स्थानीय अंचल के इतिहास और गौरव पुरूषों से भी इसे जोड़ा जा सकता है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के 4 नगरीय निकाय में गौरव दिवस कार्यक्रम हुए हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की आँगनवाड़ियों को समृद्ध बनाने का अभियान शुरू हुआ है। कुछ माह पूर्व उनके गृह ग्राम जैत जिला सीहोर में बच्चों में कोई बच्चा अंडर वेट नहीं है। ग्राम के लोगों ने ही मिल कर इस क्षेत्र में काम किया है। कहीं भी कुपोषण की स्थिति न रहे, सभी बच्चे स्वस्थ रहें, इसलिए मैं आँगनवाड़ी के लिए सामान एकत्रित करने निकल रहा हूँ। इस उद्देश्य से जन-प्रतिनिधि भी निकलें, क्योंकि ये समाज की भी जिम्मेदारी है। जो लोग समृद्ध हैं वे अनाज, खिलौने या अन्य सामान आँगनवाड़ी केन्द्रों को दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के आपराधिक तत्वों को कोई रियायत नहीं दी जाए। मेरे स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसे तत्वों को सख्ती से कुचल दिया जाए। सभी सद्भाव और शांति के साथ आपसी सामंजस्य से रहें। बेटियों या बहनों पर अत्याचार, लव जिहाद, धर्मांतरण, पशु तस्करी जैसे मामलों को गंभीरता से लें। बैठक में बताया गया कि जिले में करीब 303 करोड़ की 150 एकड़ जमीन भू-माफिया से मुक्त करवाई गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मंदसौर जिले में लिंगानुपात 1000 बालकों पर 1021 बालिकाओं का हो गया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। इसे एक उत्सव के रूप में मनाएँ। इस उत्सव में मैं स्वयं भी आऊँगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के हितग्राहियों का परिवार बनाये और उन्हें बताये कि यह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। आमजन का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी जिंदगी का एक मात्र लक्ष्य है, जनता की भलाई।

झाबुआ जिले की समीक्षा

मुख्यमंत्री चौहान ने कलेक्टर झाबुआ से जिले में क्रियान्वित की जा रही योजनाओं और नवाचार की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने बताया कि जिले में अक्षर ज्ञान अभियान प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में 14 हज़ार और दूसरे चरण में 85 हज़ार लोग जुड़े हैं। इस नवाचार में जनजातीय क्षेत्र के लोगों को शिक्षित किया जा रहा है। इससे वे योजनाओं का बेहतर ढंग से लाभ ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस नवाचार की विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने झाबुआ कलेक्टर के नवाचारों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गाँव में 4-4 इंजीनियर को ट्रेंड किया जाए। उन्हें प्रशिक्षित करें, जिससे उन्हें गाँव में ही रोजगार मिल जाए। मुख्यमंत्री ने "राशन आपके ग्राम" की योजना की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि जिले के ग्रामों में गाड़ियों से राशन पहुँचाया जा रहा है। गाँव वालों तक राशन पहुँचाने के लिए परामर्श से स्थान चयनित किए गए हैं। समय भी निर्धारित किया गया है। इसलिए राशन पहुँचाने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि सिकल सेल नियंत्रण अभियान में 1 लाख 68 हज़ार व्यक्तियों का सर्वे हो चुका है। संजीवनी हेल्थ केम्प शुरू किए गए है, जिनमें 45 हज़ार का इलाज कराया गया। कलेक्टर झाबुआ ने जिले में अमृत सरोवर निर्माण के कार्यों में मिल रहे जन सहयोग की जानकारी भी दी।

वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह “दत्तीगांव”, विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया और देवीलाल भी वर्चुअल उपस्थित रहे।

 

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