MP Election 2023 : हर बूथ के लिए बीजेपी कराएगी बूथ का वेरिफिकेशन, हजारों बदलेंगे कार्यकर्ता

MP Election 2023 : भाजपा के 65 हजार बूथों में नियुक्त किए गए कार्यकर्ताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा। यह वेरिफिकेशन इन चुनावों में बूथ पदाधिकारियों की संगठन के प्रति समर्पण की रिपोर्ट के आधार पर होगा।

MP Election 2023 : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के बाद भाजपा के 65 हजार बूथों में नियुक्त किए गए कार्यकर्ताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा। यह वेरिफिकेशन इन चुनावों में बूथ पदाधिकारियों की संगठन के प्रति समर्पण की रिपोर्ट के आधार पर होगा और जिन कार्यकर्ताओं ने संगठन की लाइन को अनदेखा किया है, उन्हें बदल दिया जाएगा।

पार्टी यह काम अगले दो माह के भीतर कराने की तैयारी में है ताकि आने वाले बाकी नौ माह में केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के निर्देश के आधार पर बूथ क्षेत्र में काम कराए जा सकें। भाजपा प्रदेश संगठन को शिकायत मिली थी कि पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर स्थानीय और पारिवारिक संबंधों को महत्व देते हुए चुनाव के दौरान पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशियों और पार्टी लाइन को अनदेखा करने का काम किया है।

चूंकि इन कार्यकर्ताओं पर विधानसभा चुनाव के दौरान बूथ क्षेत्र की भारी जिम्मेदारी रहती है और पार्टी ने इन्हें त्रिदेव की संज्ञा तक दी है। इसलिए इन त्रिदेव (बूथ अध्यक्ष, बूथ महामंत्री, बूथ एजेंट) को अगले साल होने वाले चुनावों में ईमानदार बनाए रखने के लिए इसमें बदलाव किया जा सकता है।

संगठन ने जिलों के प्रभारी, जिला अध्यक्षों को इसके लिए काम करने को कहा है और निर्देशित किया है कि जिन मंडलों, वार्डों, पंचायतों में इस तरह की रिपोर्ट आई है, उनका सत्यापन कराएं और जरूरत के आधार पर नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपे ताकि पार्टी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भविष्य में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो।

रिपोर्ट भी होगी चेक

पार्टी बूथ स्तर पर तैयार की जाने वाली 22 बिन्दुओं की रिपोर्ट को भी चेक कराएगी ताकि चुनाव के समय बूथ स्तर के आधार पर चुनावी रणनीति बनाने में आसानी हो। पार्टी इसके लिए खासतौर पर उन 103 विधानसभाओं पर ज्यादा फोकस कर रही है जहां पिछले विधानसभा और उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।

6 से 10 हर बूथ में कार्यकर्ता

पार्टी की यह कोशिश भी है कि चुनावों के पहले हर बूथ में कम से कम दस कार्यकर्ता ऐसे हों जो संगठन के लिए दिन रात काम कर सकें। इनमें से आधा दर्जन को तो बूथ प्रभारी, पन्ना प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, संयोजक, महामंत्री के रूप में दायित्व भी मिले हैं लेकिन जिन्हें दायित्व नहीं मिले हैं, उनकी जिम्मेदारी भी कुछ न कुछ बनी रहे।

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