MP News : गरीब कल्याण और विकास के लिए धन की कमी नहीं आयेगी : मुख्यमंत्री चौहान

MP News : शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार में जनकल्याण और विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार लाड़ली बहनों तथा उज्ज्वला गैस कनेक्शनधारी बहनों को 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने के साथ सीएम आवास योजना में गरीबों को घर बनाने के लिए राशि दी जाएगी।

Latest MP News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल.  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उनकी सरकार में जनकल्याण और विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार लाड़ली बहनों तथा उज्ज्वला गैस कनेक्शनधारी बहनों को 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने के साथ सीएम आवास योजना में गरीबों को घर बनाने के लिए राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को विदिशा के माधवगंज चौराहे पर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पैसों की कमी बताकर जनकल्याण की योजनाएं तो बंद की ही, विकास के कार्य भी रोक दिए।उन्होंने कहा कि आज सभी बंद योजनाओं को शुरू करने के साथ उनकी सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए अनूठी लाड़ली बहना योजना शुरू की है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के रूप में नहीं मामा और भाई के रूप में परिवार की तरह सरकार चलाते है, तभी जन-जन का कल्याण कर पाते है। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली है कि आज उनकी एक करोड़ 32 लाख बहनें हैं और उनके खाते में वे साल में 16 हजार करोड़ रुपए डालेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 1250 रूपये किए है और वे 250 रुपए के मान से धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपए तक राशि ले जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बहनों को पैसा नहीं, मान और सम्मान दिया है अब बहनों का घर-परिवार और समाज में सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि एक संकल्प सी एम आवास योजना के रूप में लिया है और ऐसे गरीब जिनके पास घर नहीं है और उनके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में भी नहीं आ पाए है उन्हें भी पक्के घर के लिए राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने फार्म भरने का काम शुरू करवा दिया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बच्चों को अध्ययन के लिए साइकिल, स्कूटी, लैपटाप देना हो सरकार अपने बच्चों की चिंता कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 लाख रूपये तक की आय वाले गरीब परिवारों के मेधावी विद्यार्थियो की मेडिकल इंजीनियर जैसे कोर्स की फीस सरकार भर रही है। प्रदेश में मेडिकल, इंजीनियर की पढ़ाई हिंदी में शुरू करने के साथ शासकीय शालाओं के होनहार बच्चों को मेडिकल में एडमिशन के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण भी सरकार ने दिया है।

 

 

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