जेवीपीसी गन से लैस होंगे अब एमपी के कॉप्स

भोपाल
मध्यप्रदेश के कॉप्स के हाथों में अब पुरानी जंग खाई बंदूकें नहीं बल्कि अत्याधुनिक तकनीक से लेस जेवीपीसी (जॉइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कार्बाइन) जैसी घातक राइफल दिखाई देंगी, जो पूरी तरह मेड इन इंडिया है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर से इसकी शुरुआत की जाएगी। इसके बाद इसे प्रदेश के अन्य शहरों में पुलिसकर्मियों के हाथ में उपलब्ध करवाया जाएगा। दरअसल, मध्य प्रदेश के गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों और सुविधाओं से लैस करने का मन बना लिया है। साथ ही साथ बड़े महानगरों में क्राइम कंट्रोल के लिए अत्याधुनिक तकनीक वाले नए थाने खोलने की शुरूआत भी की जा रही है।

पहले चरण में 400 बंदूकें
प्रथम चरण में मध्य प्रदेश गृह विभाग के द्वारा लगभग 400 जेवीपीसी राइफल खरीदने का मसौदा तैयार किया गया है। इसके बाद इसकी खरीदी और बढ़ाई जाएगी। इसमें असॉल्ट रायफल को भी जोड़ने की बात की जा रही है। मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष टास्क फोर्स एटीएस, एंटी नक्सल यूनिट और वरिष्ठ अधिकारियों के पास नई आधुनिक राइफल देने का विचार बनाया जा रहा है।

ये होती है विशेषता
जेवीपीसी और असॉल्ट राइफल आधुनिक होने के साथ-साथ मजबूत होती हैं और लम्बी मारक क्षमता में भी प्रयुक्त होती हैं। जेवीपीसी का पूरा नाम जॉइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कार्बाइन है, जिसे 2014 तक मॉडर्न सब मशीन कार्बाइन के रूप में भी जाना जाता है, एक गैस-संचालित, मैगजीन-फेड, चुनिंदा फायर सेमी-बुलपप कार्बाइन है जिसे 5.56 ़ 30 मिमी एमआईएनएसएएस कार्ट्रिज को चैम्बर में रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

ये है इसकी ताकत  
इफेक्टिव फायरिंग रेंज: 200 मीटर-300 मीटर
प्लेस आफ आरिजिन: इंडिया
केलिबर: 5.56एमएम (0.219इन)
रेट आफ फायर: 800-900 राउंड/मि.
वजन: 3 केजी

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