नई शिक्षा नीति : उच्च शिक्षा विभाग द्वितीय वर्ष का सिलेबस तैयार नहीं कर सका

भोपाल
प्रदेश के 1301 कॉलेजों में प्रथम वर्ष में करीब चार लाख 90 हजार विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। विद्यार्थियों का दूसरा सत्र शुरू होने में ज्यादा समय शेष नहीं हैं। इसके बाद भी उच्च शिक्षा विभाग द्वितीय वर्ष का सिलेबस तैयार नहीं कर सका है। अभी तक विभाग 75 फीसदी सिलेबस ही तैयार कर सका है। जबकि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विभाग को तीनों सत्रों का सिलेबस तैयार कर लेना था। सिलेबस तैयार नहीं होने की दशा में विद्यार्थियों को समय रहते कोर्स पढ़ने को नहीं मिल सकेगा।

नई शिक्षा नीति के तहत द्वितीय वर्ष का सत्र जुलाई से शुरू हो जाएगा। सत्र शुरू होने में दो माह शेष है और विभाग अभी तक द्वितीय वर्ष का पूरा सिलेबस तैयार नहीं कर सका है। अभी तक विभाग 75 फीसदी सिलेबस ही तैयार कर सका है। जबकि 25 फीसदी सिलेबस तैयार हो चुका है। प्रथम वर्ष में प्रवेशरत चार लाख 90 हजार विद्यार्थियों की परीक्षाएं कुछ विवि ने शुरू कर दी हैं और कुछ में शुरू होने वाली हैं। सभी विवि जून में विद्यार्थियों के रिजल्ट जारी कर देंगे। इसके बाद जुलाई से विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अब कोरोना संक्रमण का प्रभाव भी नियंत्रित बना हुआ है। इसके कारण आफलाइन कक्षाओं से विद्यार्थी मुंह भी नहीं मोड पाएंगे। ऐसे में विभाग को सिलेबस के साथ किताबें तक विद्यार्थियों को मुहैया कराना होगी।

दो माह का समय शेष
जुलाई से नया सत्र शुरू हो जाएगा। दो माह में विभाग को सिलेबस तैयार करने के बाद उनकी किताबें तक तैयार कराकर विद्यर्थियों में आवंटित करना है। ऐसा बताया गया है कि शासन के पास संसाधनों का काफी अभाव है, जिसके कारण सिलेबस तैयार होने में दो माह से ज्यादा का समय बीत जाएगा। ऐसे में सत्र शुरू होने तक किताबों का प्रकाशन होना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है।

बिना किताब निकला प्रथम वर्ष
नई शिक्षा नीति के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों ने बिना किताबों से अध्ययन किये परीक्षाओं में भागीदारी की है या कर रहे हैं। विभाग समय रहते सिलेबस तैयार कर किताबों का इंतजाम नहीं कर सकता, तो विद्यार्थियों को द्वितीय वर्ष भी बिना किताबों के निकालना होगा।

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