एम्स के 6 विभागों में नई व्यवस्था, घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं

भोपाल
एम्स में अभी मरीजों को ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतार में लगकर घंटों तक बारी का इंतजार करना पडता है। लेकिन, अब जल्द ही मरीजों और उनके परजिनों को इस परेशानी से निजात मिलने वाली है।

एम्स प्रबंधन ने दोबारा आने वाले मरीजों के लिए रीविजिट काउंटर की अलग से व्यवस्था की है। शुरु आती चरण में यह व्यवस्था 6 विभागों में की गई है। ये विभाग हैं-आॅन्कोलॉजी, आॅर्थोपेडिक्स, फिजिकल मेििडसन एंड रिहैबिलिटेशन, कार्डियक, कार्डियक थोरेसिक और मेििडसन। एक बार ओपीडी का पर्चा बनवाकर इन विभागों के डॉक्टर को दिखा चुके मरीजों को दोबारा ओपीडी काउंटर की लाइन में लगने की जरूरत ही नहीं होगी।

ऐसे में मरीज सीधे संबंधित विभाग में जाकर डॉक्टर को दिखा पाएंगे। इसका फायदा यह होगा कि ओपीडी काउंटर पर मरीजों की संख्या आधी से भी कम हो जाएगी। 60 प्रतिशत मरीज रीविजिट वाले ही एम्स में अभी एक दिन में करीब 3000 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। लेकिन, इनमें से 55 से 60त्न मरीज रीविजिट वाले ही होते हैं। अगर रीविजिट वाले मरीज सीधे डिपार्टमेंट में जाकर दिखा पाएंगे तो लंबी कतार से निजात मिल जाएगी।

महिलाओं का इलाज नेचुरोपैथी-योग से
कई महिलाओं और युवतियों के चेहरे पर बाल ऊग जाते हैं। इस समस्या मेें नेचुररोपैथी और योग राहत दिला सकता है। एम्स की नैचुरोपैथी युनिट में किए जा रहे शोध में यह चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। शनिवार को एम्स में ‘पॉलीसिस्टिक आवेरिअन सिंड्रोम’ (पीसीओएस) के प्र्रबंधन में वर्तमान रुझान विषय पर आयोजित की गई सीएमई में फिजियोलॉजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने बताया।  इस मौके पर एम्स डायरेक्टर प्रो. डॉ. अजय सिंह ने नेचुरोपैथी यूनिट का शुभारंभ भी किया।

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