बारह मार्गों में निजी वाहनों पर नहीं लगेगा टोल, कैबिनेट बैठक में मंजूरी देने चर्चा

भोपाल
प्रदेश में पटवारी के 5 हजार 204 नये पद निर्मित किए जाएंगे।  नगरीय निकायों में 988 नगर सर्वेक्षक वरिष्ठ पटवारी के पद सृजित किए जाएंगे। 428 तहसीलों के लिए वर्कलोड पटवारी के पद बनाए जाएंगे। राजस्व सहित अन्य विभागों के कामों को देखते हुए पटवारी के ये पद सृजित करने का प्रस्ताव बनाया गया है जिसे आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में मंजूरी देने चर्चा की गई।

 प्रदेश में पटवारी के 19 हजार 20 पद स्वीकृत है। 22 हजार 808 पंचायतें है और इतने ही पटवारी हलके बनाए जा चुके है। पटवारियों का काम लगातार बढ़ गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में  भी सेवाओं के लिए समयसीमा तय कर दी गई है। इन सबमें पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।  इसे ध्यान में रखते हुए नगरीय क्षेत्रों में प्रति पचास हजार की आबादी पर एक सेक्टर का निर्माण कर  प्रत्येक में एक नगर सर्वेक्षक तैनात किया जाएगा। इसके लिए 988 पद निर्मित किए जाएंगे। हर तहसील में एक-एक वर्कलोड  पटवारी का पद बनाया जाएगा। नये पदों पर भर्ती होने से सरकारी खजाने पर 154 करोड़ का भार आएगा। प्रदेश के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में अतिथि प्रवक्ताओं को दस हजार रुपए के स्थान पर चौदह हजार रुपए का मानदेय देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई। सात साल से इन्हें केवल दस हजार रुपए मानदेय मिल रहा है। कन्या शिक्षा परिसर सीहोर में संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में निजी सहभागिता के माध्यम से करने पर विचार किया गया।

बारह मार्गों पर नहीं लगेगा टोल
प्रदेश के बारह मार्गो पर  केवल व्यावसायिक वाहनों से उपभोक्ता शुल्क की वसूली की जाएगी। निजी वाहनों को टोल से छूट दी जाएगी। इस प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की जा रही है। इससे सरकार को बीस प्रतिशत टोल राशि कम मिलेगी।  जिन मार्गो पर निजी वाहनों के बजाय केवल व्यावसायिक वाहनों से टोल लिया जाना है उनमें होशंगाबाद-पिपरिया, होशंगाबाद टिमरनी, हरदा आशापुर, खंडवा मार्ग, रायसेन-गैरतगंज-राहतगढ़ मार्ग,  पिपरिया-नरसिंहपुर- शाहपुर मार्ग, देवास-उज्जैन- बड़नगर -बदनावर मार्ग,  रीवा-ब्यौहारी  मार्ग, ब्यौहारी-शहडोल मार्ग, रतलाम- झाबुआ मार्ग, गोगापुर-महिदपुर-घोसला मार्ग , मलेहरा- लॉदी-चांदला-अजयगढ़ मार्ग और चांदला-सरवई-गौरीहर-मतॉड मार्ग शामिल है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम पुराने अनुबंध को समाप्त कर नियमानुसार केवल व्यावायिक वाहनों से टोल हेतु निविदा आमंत्रित कर कार्यवाही कर सकेगा, इसके लिए प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को अधिकृत किया गया है। कैबिनेट में पांगरी मध्यम  होज सिचाई योजना, रिहन्द सूक्ष्म सिचाई परियोजना, त्योथर माइक्रो सिचाई परियोजना पर भी चर्चा की गई।

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