मध्यप्रदेश में वनोपज के परिवहन के लिए NOC जरूरी, सूर्यास्त के बाद बैन

भोपाल
मध्यप्रदेश में वनोपज के परिवहन के लिए अभी अनुज्ञा पत्र लेना अनिवार्य था लेकिन जिन वन्य प्रजातियों को वनोपज के अभिवहन अनुज्ञा पत्र से छूट दी गई है उनमें अब अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना (एनओसी) जरूरी होगा। वन विभाग ने इसके लिए वनोपज के परिवहन के लिए बने नियमों में संशोधन कर दिया है। अब किसी भी वनोपज का राज्य में या राज्य के बाहर या राज्य के बाहर से राज्य में परिवहन करने क लिए आॅनलाइन अनापत्ति प्रमाणपत्र अथवा आॅनलाइन नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम द्वारा जारी आॅनलाइन अभिवहन अनुज्ञा पत्र या आॅनलाइन एनओसी के बिना किसी भी वनोपज का परिवहन नहीं किया जा सकेगा।

परिवहन अनुज्ञा पत्र या एनओसी किसी वन अधिकारी या ग्राम पंचायत या इन नियमों के अधीन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा या नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम द्वारा आॅनलाइन जारी किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति द्वारा ग्राम की सीमा के भीतर जिसमे वनोपज पैदा हुई हो राज्य सरकार द्वारा इसके लिए दिए गए विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए वास्तवित घरेलु उपयोग के लिए हटाई जा रही हो या ऐसी वनोपज जिसे राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में इन नियमों के प्रवर्तन से छूट दी गई हो उसमें अनुज्ञा पत्र या एनओसी जरूरी नहीं होगा।

लकड़ी का परिवहन प्रदेश के भीतर तब तक नहीं किया जाएगा जब तक उस पर आॅनलाइन अभिवहन अनुज्ञा पत्र पर अंकित चिन्ह न हो। एनओसी की स्थिति में काष्ठ पर अभिवहन चिन्ह की जरूरत नहीं होगी। सूर्योदय के बाद प्रकाश में ही वनोपज को हटाया जा सकेगा।

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