अब रजिस्ट्री कराने पर ही जमा होगा नामांतरण शुल्क, सायबर तहसील भेजेगी SMS

भोपाल

प्रदेश में दतिया और सीहोर जिले में भूमि व भवन के विक्रय के सायबर तहसील के माध्यम से होने वाले आनलाइन नामांतरण को अब राज्य सरकार विस्तृत रूप देने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में होने वाली रजिस्ट्री में नामांतरण के लिए लगने वाला 100 रुपए का शुल्क जमा कराना शुरू कर दिया है। ऐसे में नई रजिस्ट्री कराने के लिए जिन जिलों में सायबर तहसील की व्यवस्था शुरू नहीं हुई है, वहां के क्रेता भूमि व भवन स्वामी को इससे राहत मिलने लगेगी।

प्रदेश में एक जून से प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय भवन में सायबर तहसील कार्यालय शुरू हुआ था। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सरकार ने इसमें दो जिले दतिया और सीहोर का चुनाव कर वहां होने वाली रजिस्ट्री के नामांतरण और बंटवारे के केस सीधे सायबर तहसील भेजना शुरू कर दिए थे। अब पांच माह के अंतराल के बाद 10 अक्टूबर से सायबर तहसील से इंदौर, हरदा, सागर और डिंडोरी जिलों को भी जोड़ दिया गया है। सूत्रों के अनुसार इन जिलों में होने वाली रजिस्ट्री के बाद अब नामांतरण के लिए राजस्व न्यायालय में तहसीलदार के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पंजीयन विभाग द्वारा की जाने वाली रजिस्ट्री के बाद इसकी जानकारी सीधे आनलाइन सायबर तहसील पहुंच जाएगी और वहां से इसका निराकरण होते ही भूमि व भवन के नए मालिक को एसएमएस के जरिये नामांतरण होने की सूचना मिल जाएगी। इसके बाद वह उसका प्रिंट हासिल कर सकेगा।

अब हर रजिस्ट्री पर लग रहा 100 रुपए नामांतरण शुल्क
इस बीच पंजीयन विभाग ने राजस्व विभाग के साथ सेवाओं का इंटीग्रेशन होने के बाद अब शासन के आदेश के बाद नामांतरण के बदले लगने वाली 100 रुपए की फीस अपने कार्यालय में सीधे जमा कराना शुरू कर दिया है। पंजीयन विभाग के अधिकारी के अनुसार यह राशि सभी जिलों में जमा कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। ऐसे में नई रजिस्ट्री पर अब लोगों को राजस्व न्यायालय में नामांतरण के लिए शुल्क जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यह राशि शासन के खाते में सीधे पहुंचने लगी है।

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